छिंदवाड़ा, 27 अगस्त (। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा तहसील मुख्यालय में पोला त्यौहार पर
आज आयोजित गोटमार मेले में लगभग 300 लोग घायल हुए हैं। सूत्रों के अनुसार जिले में बहने वाली जाम नदी
के किनारे पर स्थित पांढुर्णा और सांवरगांव ग्राम के निवासियों के बीच पोला त्यौहार के दूसरे दिन गोटमार मेला का
आयोजन किया जाता है। आज संपन्न हुए मेले में लगभग 300 लोग घायल हुए हैं। इस मेले का समापन दोपहर
3.40 बजे झंडा टूटने के साथ हुआ। पांढुर्णा के गोटमार मेले का इतिहास 4-5 सौ वर्ष पुराना बताया जाता है।
गोटमार मेला के पहले दिन पांढुरना निवासी अपने अपने घरों के मुख्य द्वार के दोनों ओर पलाश के पेड की
शाखाएं खड़ी करते हैं। जाम नदी के बीच जिस झंडे को तोडने के लिए सावरगांव और पांढुरना पक्ष में पत्थरों का
युद्ध होता है। वह पलाश का मोटे तने वाला पेड़ ही होता है। शाम को झंडा टूटने के बाद पांढुरना और सावरगांव
वाले मिलजुलकर इस झंडा रूपी पलाश के पेड को चंडी माता के मंदिर में ले जाकर उसकी पूजा अर्चना करते हैं
और इसके पत्तों को प्रसाद के रूप में अपने घर ले जाते हैं।

