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नई दिल्ली, 29 सितंबर  दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर शहर
की सरकार और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि, मवेशियों

में लंपी वायरस से निपटने के लिए तत्काल उपचारात्मक उपाय किए जाएं।
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने बुधवार को मामले

में नोटिस जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। सामाजिक कार्यकर्ता अजय
गौतम ने दायर जनहित याचिका में तर्क दिया कि,

इस बीमारी के कारण अब तक लगभग 70, 000
मवेशियों की मौत हो चुकी है।

जो राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश
में फैला है।

आगे कहा गया-इस बीमारी ने दिल्ली का भी दरवाजा खटखटाया है, और राष्ट्रीय राजधानी में गायों
को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

संक्रमित गायों को जल्द से जल्द इलाज की आवश्यकता है।
यह बीमारी महामारी में बदल सकती है।

इसलिए, गायों में इस रोग को फैलने से रोकने के लिए
तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।

राजस्थान, पंजाब और गुजरात जैसे राज्य लंपी वायरस से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जो अब तक
देश भर में लगभग 20, 57, 700 पशुओं को संक्रमित कर चुका है।

वहीं दूसरी ओर बड़े राज्यों में
उत्तर प्रदेश इस जानलेवा बीमारी को फैलने से रोकने में कामयाब रहा है।

पशुपालन और डेयरी विभाग
के अनुसार,

अब तक देशभर में इस वायरस के कारण 97, 000 से अधिक मवेशियों की मौत हो
चुकी है।

राज्यों में, राजस्थान अब तक वायरस से संक्रमित लगभग 14 लाख जानवरों के साथ सबसे खराब
स्थिति का सामना कर रहा है,

जिनमें से 64, 000 की मौत हो चुकी है। राजस्थान के बाद पंजाब है,
जिसमें 1, 73, 159 संक्रमित जानवर हैं,

जिनमें से 17, 200 की मौत हो चुकी है और मृत्यु दर 10
प्रतिशत से अधिक है।