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नई दिल्ली, 25 सितंबर  अक्तूबर में दिवाली से पहले ऑटो, टैक्सी में सफर करना महंगा
होगा। दिल्ली सरकार ने ऑटो, टैक्सी का किराया बढ़ाने की सिफारिशों को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

अब वित्त विभाग ने भी इस प्रस्ताव को हरी झंडी देकर अंतिम मंजूरी के लिए सरकार के पास भेज
दिया है।

आधिकारिक सूत्रों की मानें तो किराया बढ़ाने का यह प्रस्ताव अब कैबिनेट में मंजूरी के लिए जाएगा।
वहां से हरी झंडी मिलने के बाद बढ़ा हुआ किराया लागू कर दिया जाएगा। बताते चलें कि दिल्ली में

सीएनजी के लगातार बढ़ते दामों को देखते हुए सरकार ने ऑटो, टैक्सी का किराया बढ़ाने के लिए
एक 13 सदस्यीय किराया निर्धारण समिति (एफएफसी) का गठन किया था। समिति ने बीते जून के

अंत में ही किराया बढ़ाने की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट सरकार के पास भेज दी थी। समिति
की सिफारिशों को परिवहन विभाग ने मंजूरी देते हुए इसे सरकार के पास भेज दिया था। सरकार ने

इसे सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। लंबे समय से यह फाइल वित्त विभाग के पास पड़ी हुई थी। सूत्रों की

मानें तो अब वित्त विभाग ने इस फाइल को हरी झंडी दे दी है। अब कैबिनेट से अंतिम मंजूरी के लिए
फाइल सरकार के पास भेज दी गई है।

बेस के साथ प्रति किलोमीटर किराया भी बढ़ेगा
दिल्ली में सीएनजी के दाम बढ़ने के साथ ही चालकों की ओर से किराया बढ़ाने की मांग हो रही थी।

इसके चलते इस बार समिति ने प्रति किलोमीटर की दरें बढ़ाने के साथ ही बेस किराया यानि ऑटो
या टैक्सी बुक करने के बाद उसमें बैठते ही जो न्यूनतम (बेस) किराया है, वह भी बढ़ाया है। ऑटो में

अभी बेस किराया 25 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 30 रुपये करने की सिफारिश है। वहीं, टैक्सी
(वातानुकूलित व गैर वातानुकूलित) में यह 25 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये किया गया है। टैक्सी का

बेस फेयर 60 फीसदी तक बढ़ाया गया है। इसी तरह प्रति किलोमीटर में ऑटो में 1.5 रुपये प्रति

किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है। अब 9.50 रुपये के बजाए 11 रुपये देने होंगे। वहीं, टैक्सी में प्रति
किलोमीटर के हिसाब से दो से चार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।

2019 में बढ़ा था ऑटो का किराया
चार साल में दूसरी बार ऑटो का किराया बढ़ा है। इससे पहले वर्ष 2019 में भी ऑटो का किराया

बढ़ा था। उस समय भी प्रति किलोमीटर 1.50 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया बढ़ा था।

बेस किराया पहले दो किलोमीटर के बजाए डेढ़ किलोमीटर का 25 रुपये किया गया था। इसके अलावा
वेटिंग चार्ज भी लगाया था। हालांकि, टैक्सी का किराया आखिरी बार 2013 में बढ़ा था। करीब दस

साल बाद टैक्सी का किराया बढ़ेगा। दिल्ली में वर्तमान में 97 हजार से अधिक ऑटो, 12 हजार के
करीब काली-पीली टैक्सी और 65 हजार से अधिक इकोनॉमी टैक्सी हैं।