भूपेन्द्र यादव ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए मजबूत साझेदारी निवेश वृद्धि और जिम्मेदारी साझा करने पर बल दिया
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2023 में इंदौर पहले स्थान पर, इसके बाद आगरा और ठाणे हैं
केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने आज मध्य प्रदेश के भोपाल में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2023 के पुरस्कारों की घोषणा की। प्रथम श्रेणी (मिलियन प्लस आबादी) के अंतर्गत इंदौर पहले स्थान पर रहा, इसके बाद आगरा और ठाणे का स्थान रहा। दूसरी श्रेणी (3-10 लाख आबादी) में अमरावती को पहला स्थान मिला, इसके बाद मुरादाबाद और गुंटूर ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसी तरह तीसरी श्रेणी (3 लाख से कम आबादी) के लिए परवाणू ने पहला स्थान प्राप्त किया। इसके बाद कालाअंब और अंगुल ने दूसरा स्थान हासिल किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भी उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 15 अगस्त, 2020 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के सभी लोगों को स्वच्छ वायु सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए, उन्हें एक स्वस्थ और उत्पादक जीवन का आश्वासन देते हुए समग्र दृष्टिकोण के माध्यम से 100 से अधिक शहरों में वायु गुणवत्ता में सुधार करने के उद्देश्य और योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय 2019 से भारत में शहर और क्षेत्रीय पैमाने पर वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए कार्यों को रेखांकित करते हुए एक राष्ट्रीय स्तर की रणनीति के रूप में एक राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) को लागू कर रहा है।

श्री यादव ने कहा कि समन्वय, सहयोग, भागीदारी और सभी हितधारकों के निरंतर प्रयासों से राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सकेगा।
मध्य प्रदेश में अब हर ओर होंगे नगर वन…#WorldCleanAirDay pic.twitter.com/T1EHGga4h5
— Bhupender Yadav (मोदी का परिवार) (@byadavbjp) September 7, 2023
श्री यादव ने कहा कि 2021 में ग्लासगो में आयोजित यूएनएफसीसीसी, सीओपी 26 के दौरान माननीय प्रधानमंत्री ने “मिशन लाइफ” लॉन्च किया, जिसका अर्थ है पर्यावरण के लिए जीवन शैली। उन्होंने कहा कि मिशन का उद्देश्य व्यक्तियों का एक वैश्विक नेटवर्क बनाना और पोषण करना है, जिसमें पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली को अपनाने और बढ़ावा देने तथा जीवन को एक जन आंदोलन बनाने की साझा प्रतिबद्धता है।

श्री यादव ने ठोस अपशिष्ट, प्लास्टिक अपशिष्ट, ई-अपशिष्ट, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट, बैटरी अपशिष्ट, निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट और टायर तथा खतरनाक अपशिष्ट को कवर करने वाले अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की अधिसूचना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व और प्रदूषक भुगतान सिद्धांतों को शामिल किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उत्पादक/निर्माता पर्यावरण की दृष्टि से उचित तरीके से अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जिम्मेदार हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की एसएटीएटी (किफायती परिवहन की ओर सतत विकल्प) योजना का उद्देश्य संपीड़ित जैव-गैस (सीबीजी) उत्पादन संयंत्र स्थापित करना और हरित ईंधन के रूप में उपयोग के लिए सीबीजी को बाजार में उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आज हमारे पास दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए एक वैधानिक आयोग है, जो पूरे एयरशेड को अपने अधिकार क्षेत्र में लेते हुए व्यापक रूप से काम कर रहा है।

