Bihar उपचुनाव: बांकीपुर विधानसभा सीट पर दोपहर 1 बजे तक करीब 20% मतदान, मुकाबले पर पूरे देश की नजर
Bihar की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, दोपहर 1 बजे तक लगभग 20 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और मतदान प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से संचालित की जा रही है। शुरुआती घंटों में मतदान की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही, हालांकि चुनाव आयोग को दिन चढ़ने के साथ मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है।
यह उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और प्रमुख दलों की लोकप्रियता की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। यही कारण है कि राष्ट्रीय स्तर के नेताओं और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें भी इस सीट पर टिकी हुई हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है बांकीपुर उपचुनाव?
बांकीपुर विधानसभा सीट Bihar की राजधानी पटना के केंद्र में स्थित एक प्रतिष्ठित शहरी सीट मानी जाती है। यह सीट लंबे समय से राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही है। हाल में सीट खाली होने के बाद निर्वाचन आयोग ने यहां उपचुनाव की घोषणा की थी और मतदान की तारीख 30 जुलाई निर्धारित की गई। मतगणना 3 अगस्त को होगी।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस चुनाव का परिणाम केवल स्थानीय प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह आगामी राजनीतिक रणनीतियों और दलों की संगठनात्मक ताकत का भी संकेत देगा।
मुख्य मुकाबला
Bihar सीट पर इस बार कई उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और उसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों के बीच माना जा रहा है। इस चुनाव ने इसलिए भी विशेष ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि यह कई दलों के लिए अपनी राजनीतिक पकड़ साबित करने का अवसर बन गया है। कुल 25 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार शहरी मतदाता, युवा वोटर, पहली बार मतदान करने वाले नागरिक और मध्यम वर्ग इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
मतदान की स्थिति
सुबह 7 बजे मतदान शुरू होने के बाद शुरुआती घंटों में मतदान की गति सामान्य रही। सुबह 11 बजे तक लगभग 11.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इसके बाद दोपहर तक मतदान में कुछ तेजी आई और 1 बजे तक मतदान लगभग 20 प्रतिशत के आसपास पहुंच गया। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि शाम तक मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।
मतदान केंद्रों पर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। कई केंद्रों पर व्हीलचेयर, पेयजल और प्रतीक्षालय की व्यवस्था भी की गई है।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
उपचुनाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तथा अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। मतदान केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और वेबकास्टिंग के माध्यम से भी की जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, फर्जी मतदान या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
Bihar चुनाव के दौरान आरोप-प्रत्यारोप
मतदान के दौरान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि उनके कुछ समर्थकों को पुलिस ने मतदान से पहले हिरासत में लिया, जबकि प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बताया। इन आरोपों के चलते चुनावी माहौल और अधिक राजनीतिक हो गया।
हालांकि निर्वाचन आयोग ने कहा है कि मतदान प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा रही है और यदि किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी जांच नियमानुसार की जाएगी।
मतदाताओं में उत्साह
हालांकि शुरुआती मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं में उत्साह भी देखा गया। युवा मतदाताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया, जबकि वरिष्ठ नागरिक भी बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचे।
महिला मतदाताओं की भागीदारी को लेकर भी प्रशासन आशावादी है। पिछले चुनावों की तरह इस बार भी दोपहर बाद महिलाओं के मतदान केंद्रों पर अधिक संख्या में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक दलों की रणनीति
सभी प्रमुख दलों ने मतदान के दिन अपने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रखा। मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने, मतदान केंद्रों तक पहुंचाने और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न दलों ने अपने-अपने नियंत्रण कक्ष भी बनाए हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय विकास, रोजगार, शहरी सुविधाएं, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
परिणामों पर नजर
मतदान समाप्त होने के बाद सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाएगा। मतगणना 3 अगस्त को होगी और उसी दिन स्पष्ट हो जाएगा कि बांकीपुर की जनता ने किस उम्मीदवार पर भरोसा जताया है।

