CM मोहन यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी को श्रद्धांजलि दी, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनके योगदान को किया याद
मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव ने राज्य विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण और प्रदेश के विकास में दिए गए योगदान को स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईश्वरदास रोहाणी का व्यक्तित्व सादगी, सेवा, अनुशासन और जनकल्याण की भावना का प्रतीक था। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में सदैव संवैधानिक मर्यादाओं का पालन किया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
CM मोहन यादव ने कहा कि ईश्वरदास रोहाणी ने राजनीति को जनसेवा का माध्यम माना और अपने कार्यकाल के दौरान जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास किया। वे एक ऐसे जनप्रतिनिधि थे जिन्होंने विधानसभा की गरिमा को बनाए रखने के साथ-साथ सभी दलों के बीच संवाद और सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित किया। उनके कार्यों को आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।
CM ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि संवैधानिक संस्थाएं कितनी निष्पक्ष, प्रभावी और गरिमापूर्ण ढंग से कार्य करती हैं। ईश्वरदास रोहाणी ने विधानसभा अध्यक्ष के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए इन मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित, अनुशासित और सार्थक बनाने का लगातार प्रयास किया।
CM ने उनके राजनीतिक जीवन को नई पीढ़ी के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा जैसे गुण किसी भी नेता की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। ईश्वरदास रोहाणी ने अपने व्यवहार और कार्यशैली से इन मूल्यों को जीवंत रूप दिया। यही कारण है कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर विभिन्न दलों के नेता भी उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते रहे हैं।
CM ने कहा कि ईश्वरदास रोहाणी ने अपने राजनीतिक जीवन में केवल विधानमंडल की कार्यवाही तक ही स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए भी निरंतर सक्रिय रहे। वे समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े रहते थे और विकास कार्यों में उनकी विशेष रुचि थी। जनहित के मुद्दों पर उनकी संवेदनशीलता और सक्रियता उन्हें एक लोकप्रिय जननेता बनाती थी।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने एक ऐसे अनुभवी और समर्पित जनसेवक को खोया है, जिनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। उन्होंने कहा कि ईश्वरदास रोहाणी का योगदान केवल एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं के सशक्त संरक्षक के रूप में भी सदैव याद रखा जाएगा। उनके द्वारा स्थापित आदर्श आने वाली पीढ़ियों के जनप्रतिनिधियों को प्रेरणा देते रहेंगे।
CM मोहन यादव ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि सार्वजनिक जीवन में शुचिता, पारदर्शिता और जनहित की भावना को और अधिक मजबूत किया जाए। ईश्वरदास रोहाणी का जीवन इन मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने सदैव संवाद, सहमति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह आवश्यक है कि सभी जनप्रतिनिधि संविधान की भावना के अनुरूप कार्य करें और जनता के विश्वास को सर्वोच्च महत्व दें। ईश्वरदास रोहाणी ने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में इसी सिद्धांत का पालन किया। उनकी कार्यशैली आज भी जनप्रतिनिधियों के लिए एक आदर्श मानी जाती है।
CM ने दिवंगत नेता के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और प्रदेश की जनता ईश्वरदास रोहाणी के योगदान को सदैव सम्मान के साथ याद रखेगी। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ईश्वरदास रोहाणी का जीवन समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की एक प्रेरक गाथा है। उन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका योगदान मध्य प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में सदैव सम्मानपूर्वक स्मरण किया जाएगा और उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों को जनसेवा, नैतिकता और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता रहेगा।

