Delhi-एनसीआर का ट्रैफिक प्रभावित, CJP विरोध बढ़ा: जंतर-मंतर और टॉलस्टॉय रोड भारी बैरिकेडिंग के बीच बंद
नई दिल्ली: राजधानी Delhi में मंगलवार को CJP (सिटिजन्स जस्टिस प्लेटफॉर्म/संबंधित विरोध प्रदर्शन) के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन के चलते दिल्ली-एनसीआर का यातायात गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों के जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की घोषणा के बाद Delhi पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दिया। जंतर-मंतर, टॉलस्टॉय रोड और आसपास के कई संवेदनशील इलाकों में भारी बैरिकेडिंग की गई, जिसके कारण आम लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा।
सुबह से ही पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, संसद मार्ग और इंडिया गेट के आसपास तैनात कर दी गई थीं। कई स्थानों पर वाहनों की जांच की गई और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी गई। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
जंतर-मंतर और टॉलस्टॉय रोड पूरी तरह सील
प्रदर्शन को देखते हुए Delhi पुलिस ने जंतर-मंतर जाने वाले प्रमुख मार्गों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। टॉलस्टॉय रोड, अशोक रोड और संसद मार्ग के कुछ हिस्सों पर बैरिकेड्स लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। केवल आवश्यक सेवाओं और अधिकृत वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई।
इन प्रतिबंधों का सीधा असर कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ा। सुबह और दोपहर के व्यस्त समय में कनॉट प्लेस, बाराखंभा रोड, आईटीओ, मंडी हाउस और इंडिया गेट क्षेत्र में लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि उन्हें सामान्य दिनों की तुलना में दोगुना समय लगा।
दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों की बढ़ी परेशानी
गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद से दिल्ली आने वाले हजारों लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। टैक्सी और ऑटो चालकों ने भी वैकल्पिक मार्ग अपनाए, लेकिन उन मार्गों पर भी यातायात का दबाव बढ़ गया।
Delhi ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी लें और जहां तक संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोगों ने सड़क मार्ग के बजाय मेट्रो को प्राथमिकता दी।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे संगठनों का कहना है कि उनकी विभिन्न सामाजिक और नीतिगत मांगों पर सरकार पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से संवाद शुरू करने और अपनी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना है कि विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जा रहा है।
हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में सार्वजनिक व्यवस्था भंग नहीं होने दी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता है या हिंसा फैलाने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने किए व्यापक सुरक्षा इंतजाम
दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और क्विक रिएक्शन टीमों की मदद से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। कई स्थानों पर धारा 163 (पूर्व में धारा 144 के समान प्रतिबंधात्मक प्रावधानों का उपयोग) के तहत भीड़ नियंत्रण संबंधी आदेश लागू किए गए हैं, ताकि बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और आम जनता को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए लगातार ट्रैफिक का पुनर्निर्देशन किया जा रहा है।
व्यापार और कार्यालयों पर असर
कनॉट प्लेस और आसपास के व्यावसायिक क्षेत्रों में भी प्रदर्शन और ट्रैफिक प्रतिबंधों का असर देखने को मिला। कई कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने में कठिनाई हुई। कुछ निजी कंपनियों ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दी, जबकि कई कार्यालयों में उपस्थिति सामान्य से कम रही।
दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों की संख्या में भी कमी आई क्योंकि लोग ट्रैफिक जाम और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण बाजार आने से बचते रहे।
सोशल मीडिया पर ट्रेंड करता रहा मुद्दा
दिनभर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जंतर-मंतर, दिल्ली ट्रैफिक और प्रदर्शन से जुड़े हैशटैग ट्रेंड करते रहे। कुछ लोगों ने प्रदर्शन के अधिकार का समर्थन किया, जबकि अन्य ने आम नागरिकों को हुई परेशानी पर चिंता जताई। विशेषज्ञों का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनके आयोजन के दौरान आम जनजीवन पर न्यूनतम प्रभाव पड़ना भी उतना ही आवश्यक है।
प्रशासन की अपील
दिल्ली प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें और यदि किसी मार्ग पर प्रतिबंध हो तो वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। जैसे-जैसे सुरक्षा आकलन के आधार पर परिस्थितियां सामान्य होंगी, बंद किए गए मार्गों को चरणबद्ध तरीके से खोल दिया जाएगा।
Delhi-एनसीआर में CJP विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर यह दिखाया कि बड़े सार्वजनिक आंदोलनों का असर केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आम नागरिकों के दैनिक जीवन, यातायात व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ता है। जंतर-मंतर और टॉलस्टॉय रोड पर भारी सुरक्षा, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक प्रतिबंधों ने राजधानी की रफ्तार को धीमा कर दिया। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रदर्शन आगे किस दिशा में बढ़ता है और प्रशासन कानून-व्यवस्था तथा सामान्य जनजीवन के बीच संतुलन कैसे बनाए रखता है।
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