Haryana Congress: मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की जांच के लिए बूथ स्तर पर टीमें तैनात करेगी कांग्रेस, 3 से 25 नवंबर तक चलेगा अभियान
हरियाणा में मतदाता सूची से पात्र नागरिकों के नाम हटाए जाने और नए मतदाताओं के नाम शामिल नहीं होने की आशंकाओं के बीच कांग्रेस ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। हरियाणा कांग्रेस अब प्रदेश के प्रत्येक मतदान बूथ पर अपनी टीमें तैनात करेगी। इन टीमों का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूचियों की जांच करना, नामों में गड़बड़ी का पता लगाना और उन नागरिकों की मदद करना होगा, जिनके नाम कथित तौर पर मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं या शामिल नहीं किए गए हैं।
कांग्रेस ने इस अभियान को ‘वोट बचाओ – लोकतंत्र बचाओ’ (Save Vote – Save Democracy) नाम दिया है। पार्टी के अनुसार, यह अभियान 3 नवंबर से 25 नवंबर 2026 तक पूरे हरियाणा में चलाया जाएगा। इसके तहत बूथ स्तर से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर तक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
लाडवा से शुरू होगा अभियान का तीसरा चरण
हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह 3 नवंबर को लाडवा से अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत करेंगे। लाडवा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का विधानसभा क्षेत्र है। इस स्थान से अभियान की शुरुआत को कांग्रेस की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पार्टी नेतृत्व का कहना है कि अभियान को केवल बड़े नेताओं के भाषणों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे गांव-गांव और मतदान केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए कांग्रेस सांसदों, विधायकों, जिला अध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों और स्थानीय कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इस अभियान के जरिए कांग्रेस मतदाता सूची की जांच को जनभागीदारी से जोड़ना चाहती है, ताकि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
हर मतदान बूथ पर बनेगी ‘वोट प्रोटेक्टर’ टीम
कांग्रेस की योजना के तहत प्रत्येक मतदान बूथ पर पार्टी कार्यकर्ताओं की टीम बनाई जाएगी। इन टीमों को ‘वोट प्रोटेक्टर’ अभियान के अंतर्गत काम करना होगा।
इनकी प्रमुख जिम्मेदारियां होंगी:
- संबंधित बूथ की मतदाता सूची की बारीकी से जांच करना।
- पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने या छूट जाने के मामलों की पहचान करना।
- प्रभावित मतदाताओं से शिकायत और जरूरी दस्तावेज जुटाना।
- मतदाता सूची में नाम जोड़ने और गलतियों में सुधार के लिए निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी देना।
- संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के सामने शिकायतें और आपत्तियां दर्ज कराने में नागरिकों की सहायता करना।
- गांवों और स्थानीय इलाकों में जागरूकता अभियान चलाना।
कांग्रेस कार्यकर्ता मतदाता सूची में दर्ज नामों का स्थानीय स्तर पर सत्यापन करने और मतदाताओं से संपर्क करने पर भी ध्यान देंगे। पार्टी का कहना है कि शिकायत मिलने पर संबंधित मामले को दस्तावेजों के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह ने क्या कहा?
हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि मतदाता का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है। किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए।
दोनों नेताओं के मुताबिक, दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की रैली के दौरान उठाए गए मुद्दों को अब हरियाणा के गांवों और बूथों तक पहुंचाया जाएगा।
कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि पार्टी का उद्देश्य हर पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा करना है। इसके लिए केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर शिकायतों की पहचान और उनके समाधान की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जाएगा।
रामलीला मैदान की रैली के बाद तेज हुई राजनीतिक गतिविधियां
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की रैली आयोजित हुई थी। इस रैली में चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए थे।
हरियाणा कांग्रेस ने भी इस रैली में बड़ी संख्या में अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं की भागीदारी सुनिश्चित की थी।
अब पार्टी उसी मुद्दे को प्रदेशव्यापी अभियान का रूप देने की तैयारी में है। कांग्रेस का मानना है कि मतदाता सूची में संभावित गड़बड़ियों की पहचान करने के लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि वे अपने क्षेत्र के मतदाताओं और परिवारों से सीधे संपर्क कर सकते हैं।
संविधान के अनुच्छेद 326 के जरिए लोगों को करेगी जागरूक
कांग्रेस के इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा संविधान के अनुच्छेद 326 के बारे में लोगों को जानकारी देना भी है।
अनुच्छेद 326 वयस्क मताधिकार के सिद्धांत पर आधारित है। इसके तहत निर्धारित संवैधानिक शर्तों को पूरा करने वाले भारतीय नागरिकों को मतदान का अधिकार प्राप्त है।
पार्टी कार्यकर्ता गांवों में आयोजित चौपालों और बैठकों में इस अनुच्छेद को पढ़कर सुनाएंगे। इसके जरिए लोगों को उनके मताधिकार और मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जाएगा।
कांग्रेस का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों, दूरदराज की बस्तियों और उन इलाकों में विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां लोगों को मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी नहीं होती।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत दर्ज होंगी शिकायतें
मतदाता सूची में नाम शामिल कराने, हटाने या सुधार कराने के लिए चुनाव आयोग ने निर्धारित प्रक्रियाएं बनाई हैं। कांग्रेस की बूथ स्तर की टीमें नागरिकों को इन्हीं प्रक्रियाओं के तहत आवेदन करने में मदद करेंगी।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट के अनुसार, बूथ लेवल एजेंट (BLA) राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि होते हैं, जो मतदाता सूची के पुनरीक्षण में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के साथ समन्वय करते हैं।
मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने से संबंधित आपत्ति के लिए फॉर्म-7 और व्यक्तिगत विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जाता है।
यहां यह समझना जरूरी है कि राजनीतिक दलों के बूथ स्तर के प्रतिनिधि स्वयं किसी मतदाता का नाम सूची में जोड़ने या हटाने का अंतिम निर्णय नहीं लेते। यह अधिकार संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के पास होता है।
इसलिए कांग्रेस की टीमें शिकायतों की पहचान करने, दस्तावेज जुटाने और मतदाताओं को उचित आवेदन प्रक्रिया समझाने का काम करेंगी।
जिला और ब्लॉक स्तर पर भी होगी निगरानी
कांग्रेस ने इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर भी समीक्षा व्यवस्था तैयार की है। जिला अध्यक्षों और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में अभियान की प्रगति पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
समय-समय पर बैठकें आयोजित कर यह देखा जाएगा कि कितने मतदाताओं की शिकायतें सामने आईं, कितने मामलों में दस्तावेज एकत्र किए गए और कितने आवेदन संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाए गए।
पार्टी चाहती है कि प्रदेश के किसी भी विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से जुड़ी शिकायत अनदेखी न रह जाए।
क्या हरियाणा में बढ़ेगा मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक विवाद?
हरियाणा में मतदाता सूची का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बनता जा रहा है। कांग्रेस लगातार चुनावी पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग कर रही है। दूसरी ओर, मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि मतदाता सूची की जांच कितनी पारदर्शी तरीके से होती है और शिकायत मिलने पर उसका समाधान कितनी जल्दी किया जाता है।
कांग्रेस का बूथ स्तर पर टीमें तैनात करने का फैसला इस मुद्दे को और व्यापक बना सकता है। हालांकि, किसी भी मतदाता का नाम जानबूझकर हटाए जाने का आरोप तभी प्रमाणित माना जा सकेगा, जब उसकी जांच और संबंधित दस्तावेजों से पुष्टि हो।
निष्कर्ष
हरियाणा कांग्रेस का 3 से 25 नवंबर तक चलने वाला ‘वोट बचाओ – लोकतंत्र बचाओ’ अभियान प्रदेश की राजनीति में मतदाता अधिकारों के मुद्दे को नई गति दे सकता है। प्रत्येक मतदान बूथ पर वोट प्रोटेक्टर टीमों की तैनाती, गांवों में चौपाल, शिकायतों का संग्रह और निर्वाचन अधिकारियों तक मामलों को पहुंचाने की योजना इस अभियान के प्रमुख हिस्से हैं।
अब देखना होगा कि कांग्रेस का यह प्रयास कितने प्रभावित मतदाताओं की समस्याओं को सामने लाता है और उनके नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रखने या दोबारा शामिल कराने में कितनी मदद करता है। अंततः लोकतंत्र की मजबूती इसी बात पर निर्भर करती है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को बिना किसी अनुचित बाधा के मतदान का अवसर मिले।
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