Nand Kishore Goenka का अग्रोहा धाम में अंतिम संस्कार; राजनीतिक नेता और संत शामिल हुए बड़ी भीड़ में
हिसार। समाजसेवी और अग्रवाल समाज के प्रतिष्ठित सदस्य नंद किशोर गोएंका का अंतिम संस्कार हरियाणा के पवित्र धार्मिक स्थल अग्रोहा धाम में पूरे राजकीय सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम यात्रा में हजारों लोगों की उपस्थिति ने यह दर्शाया कि Nand Kishore Goenka का समाज में कितना सम्मान और प्रभाव था।
सुबह से ही अग्रोहा धाम में श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न राज्यों से आए अग्रवाल समाज के लोगों ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अंतिम दर्शन के दौरान माहौल अत्यंत भावुक रहा और बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्प अर्पित कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
अंतिम यात्रा में कई राजनीतिक नेताओं ने भी भाग लिया। उन्होंने Nand Kishore Goenka के सामाजिक योगदान, सेवा कार्यों और समाज को संगठित करने में निभाई गई उनकी भूमिका को याद किया। नेताओं ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके निधन से समाज ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है जिसने हमेशा लोगों को जोड़ने और समाजहित में कार्य करने का प्रयास किया।
धार्मिक संतों और महात्माओं ने भी इस अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जीवन नश्वर है, लेकिन व्यक्ति अपने अच्छे कर्मों और समाज के लिए किए गए कार्यों के माध्यम से सदैव लोगों के दिलों में जीवित रहता है। संतों ने उपस्थित लोगों से समाज सेवा, परोपकार और मानवीय मूल्यों के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
अग्रोहा धाम, जो महाराजा अग्रसेन की तपोभूमि और अग्रवाल समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है, वहां अंतिम संस्कार होने से इस आयोजन का विशेष महत्व भी रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाज के प्रतिनिधि दूर-दूर से यहां पहुंचे। पूरे परिसर में सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की गई ताकि श्रद्धांजलि देने आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
व्यापारिक संगठनों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी नंद किशोर गोएंका को याद करते हुए कहा कि उन्होंने व्यापार के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी हमेशा महत्व दिया। शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंदों की सहायता जैसे क्षेत्रों में उनके योगदान को लंबे समय तक याद रखा जाएगा। कई संस्थाओं ने उनके सम्मान में शोक सभाओं और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के आयोजन की घोषणा भी की।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने में केवल आर्थिक समृद्धि ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सेवा की भावना भी आवश्यक है। नंद किशोर गोएंका ने अपने जीवन के माध्यम से इसी संदेश को मजबूत किया। उन्होंने युवाओं से समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्यों ने सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में देश के विभिन्न हिस्सों से मिले स्नेह, सहयोग और संवेदनाओं ने परिवार को संबल प्रदान किया है। उन्होंने दिवंगत की स्मृति में उनके अधूरे सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। धार्मिक मंत्रोच्चार और वैदिक विधि-विधान के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न हुई। उपस्थित लोगों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य एवं शक्ति दें।
समारोह में शामिल लोगों ने कहा कि नंद किशोर गोएंका का जीवन समाज सेवा, सादगी और मानवीय मूल्यों का उदाहरण था। उनके व्यक्तित्व और कार्यों से आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा लेती रहेंगी। कई लोगों ने उन्हें एक ऐसे समाजसेवी के रूप में याद किया, जिन्होंने व्यक्तिगत उपलब्धियों से अधिक सामुदायिक हित को महत्व दिया।
Nand Kishore Goenka के निधन से समाज और उनके शुभचिंतकों में शोक की लहर है। अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की उपस्थिति ने उनके प्रति लोगों के सम्मान और स्नेह को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया। सभी ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई देते हुए उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।

