PM Modi 11 जून को नीति प्रशासनिक परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे
भारत की विकास यात्रा को नई दिशा देने और केंद्र तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जून को नीति प्रशासनिक परिषद (Governing Council) की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों तथा वरिष्ठ अधिकारियों को एक मंच पर लाने का अवसर प्रदान करेगी, जहां राष्ट्रीय विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
यह बैठक ऐसे समय में आयोजित हो रही है जब भारत तेजी से आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, डिजिटल परिवर्तन और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में नीति आयोग की प्रशासनिक परिषद की बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नीति आयोग की भूमिका
नीति आयोग की स्थापना वर्ष 2015 में योजना आयोग के स्थान पर की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच सहयोगात्मक संघवाद (Cooperative Federalism) को मजबूत करना और विकास योजनाओं के लिए एक प्रभावी नीति मंच उपलब्ध कराना है।
नीति आयोग की प्रशासनिक परिषद इसका सर्वोच्च निकाय है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। परिषद में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक और कई केंद्रीय मंत्री शामिल होते हैं।
इस मंच के माध्यम से राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा की जाती है और राज्यों को अपनी समस्याएं एवं सुझाव सीधे केंद्र सरकार के समक्ष रखने का अवसर मिलता है।
बैठक में किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा?
सूत्रों के अनुसार, 11 जून को होने वाली बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जा सकता है। इनमें आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, कृषि सुधार, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, डिजिटल गवर्नेंस और बुनियादी ढांचा विकास प्रमुख हो सकते हैं।
इसके अलावा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्यों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। केंद्र सरकार चाहती है कि सभी राज्य राष्ट्रीय विकास एजेंडा में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने-अपने क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं को तेज गति से लागू करें।
विकसित भारत 2047 पर रहेगा फोकस
प्रधानमंत्री मोदी लगातार विकसित भारत 2047 के विजन पर जोर देते रहे हैं। स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्यों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक मानी जा रही है। नीति आयोग की यह बैठक राज्यों के साथ मिलकर दीर्घकालिक विकास रणनीति तैयार करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर कार्य करें तो भारत आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकता है।
सहयोगात्मक संघवाद को मिलेगा बल
नीति आयोग की प्रशासनिक परिषद की बैठकों का एक प्रमुख उद्देश्य सहयोगात्मक संघवाद को मजबूत करना है। भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में विकास की चुनौतियां हर राज्य में अलग-अलग हैं।
ऐसे में यह मंच राज्यों को अपने अनुभव साझा करने और सफल मॉडलों से सीखने का अवसर देता है। इससे नीति निर्माण अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनता है।
प्रधानमंत्री मोदी कई बार कह चुके हैं कि देश का विकास तभी संभव है जब सभी राज्य विकास की दौड़ में समान रूप से आगे बढ़ें।
राज्यों की अपेक्षाएं
बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री अपने-अपने राज्यों से जुड़े मुद्दे उठाने की तैयारी कर रहे हैं। इनमें वित्तीय सहायता, बुनियादी ढांचा परियोजनाएं, कृषि विकास, औद्योगिक निवेश और सामाजिक कल्याण योजनाओं से संबंधित विषय शामिल हो सकते हैं।
कई राज्य केंद्र सरकार से विशेष पैकेज, अतिरिक्त संसाधन और नई परियोजनाओं के लिए सहयोग की मांग भी कर सकते हैं। वहीं केंद्र सरकार राज्यों से बेहतर प्रशासन, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपेक्षा रखती है।
आर्थिक विकास और निवेश पर विशेष ध्यान
भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से उभर रहा है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है।
इस संदर्भ में नीति आयोग की बैठक में निवेश आकर्षित करने, विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष चर्चा हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और बेहतर नीति वातावरण आर्थिक विकास को नई गति प्रदान कर सकता है।
सामाजिक क्षेत्र की चुनौतियां
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और कौशल विकास जैसे सामाजिक क्षेत्रों पर भी ध्यान दिए जाने की संभावना है। केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से इन क्षेत्रों में सुधार लाने का प्रयास कर रही है।
राज्यों के अनुभव और सुझाव इन योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकते हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर चर्चा महत्वपूर्ण हो सकती है।
11 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली नीति आयोग की प्रशासनिक परिषद की बैठक देश के विकास एजेंडा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस मंच पर केंद्र और राज्य सरकारें राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, विकास रणनीतियों और भविष्य की चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगी।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य, आर्थिक प्रगति, सामाजिक विकास और सहयोगात्मक संघवाद को मजबूत करने की दिशा में यह बैठक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। देशभर की निगाहें इस बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि इसके निर्णय और चर्चाएं आने वाले वर्षों में भारत की विकास यात्रा को नई दिशा दे सकती हैं।

