UP के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहुल और अखिलेश पर निशाना साधा, कहा- कांग्रेस और सपा संविधान को कमजोर कर रहे हैं
लखनऊ: UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी संविधान की रक्षा की बात तो करती हैं, लेकिन उनके कार्य और नीतियां संविधान को कमजोर करने वाली रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संविधान की मर्यादा, लोकतांत्रिक मूल्यों और देश की एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है, जबकि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए संविधान का नाम लेता है।
UP मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आत्मा है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाया है और इसकी रक्षा करना हर नागरिक तथा राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज कुछ राजनीतिक दल संविधान बचाने की बातें करते हैं, लेकिन जब उन्हें अवसर मिला, तब उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने हमेशा परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हुई।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
UP मुख्यमंत्री ने बिना किसी नरमी के राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश और संविधान के बारे में भ्रम फैलाना लोकतंत्र के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और अब केवल राजनीतिक नारों से काम नहीं चलेगा। योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में भ्रम और अस्थिरता का माहौल बनाने का प्रयास करती है, जबकि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें विकास, सुशासन और पारदर्शिता के आधार पर काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि संविधान का सम्मान केवल भाषणों से नहीं, बल्कि उसके अनुरूप शासन चलाने से साबित होता है। भाजपा सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के हित में योजनाएं लागू कर संविधान की भावना को मजबूत कर रही है।
अखिलेश यादव पर भी किया हमला
UP मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को कमजोर करने के लिए जाने जाते थे, वे आज संविधान की दुहाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता यह नहीं भूली है कि सपा सरकार के दौरान प्रदेश में अपराध, दंगे और माफियाओं का बोलबाला था।
योगी ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया है और अपराधियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी हमेशा जातीय समीकरणों और वोट बैंक की राजनीति करती रही है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचा।
भाजपा ने संविधान को सर्वोच्च माना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने संविधान की मूल भावना के अनुरूप गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों तक पहुंचाया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा के लिए संविधान केवल चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि शासन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि सरकार की हर योजना और नीति संविधान की भावना के अनुरूप तैयार की जाती है।
विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए संविधान का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव आते हैं, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी संविधान और लोकतंत्र के नाम पर भ्रम फैलाने का प्रयास करती हैं।
उन्होंने कहा कि जनता अब जागरूक है और वह विकास, सुरक्षा और सुशासन के आधार पर निर्णय लेती है। इसलिए विपक्ष की नकारात्मक राजनीति अब सफल नहीं होगी।
विकास कार्यों का भी किया उल्लेख
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य तेजी से औद्योगिक निवेश, आधारभूत ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, डिफेंस कॉरिडोर और निवेश परियोजनाएं प्रदेश को नई पहचान दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है और इसके लिए पारदर्शी प्रशासन तथा कानून व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री के इन आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पहले भी भाजपा पर संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के आरोप लगाती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के ताजा बयान को लेकर विपक्ष की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने रहेंगे। भाजपा जहां अपने विकास कार्यों और सुशासन को चुनावी मुद्दा बना रही है, वहीं विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठाकर जनता को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश और देश की राजनीति में संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और शासन व्यवस्था को लेकर लगातार बहस चल रही है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर लगाए गए उनके आरोपों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है, जबकि जनता की नजर इस बात पर रहेगी कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ विकास और जनहित के मुद्दों पर कितना ध्यान दिया जाता है।

