उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में गोलगप्पे को लेकर दो गुटों में झड़प हो गई। बात इतनी बिगड़ी कि दोनों पक्षों की लड़ाई ने हिंसक रूप ले लिया। फायरिंग के साथ पथराव शुरू हुआ और इस घटना में 20 लोग घायल हो गए।
कानपुर देहात चाट खाना भला किसे पसंद नहीं होता है। चाट की दुकान पर अक्सर भीड़ देखने को मिलती है। खासकर गोलगप्पे लोगों के फेवरेट होते हैं। मगर क्या आपने कभी गोलगप्पे के लिए लड़ाई होते हुए देखी है। लड़ाई भी छोटी-मोटी नहीं बल्कि गोलियों और बंदूक वाली। जी हां, कानपुर में ऐसी ही एक घटना सामने आई है। जहां गोलगप्पे खाते-खाते दो लोगों में लड़ाई शुरू हो गई और दनादन गोलियां चलने लगीं।
मूकदर्शक बनी पुलिस
ये घटना बुधवार शाम की है। चाट खा रहे दो पक्षों में विवाद शुरू हुआ और बात मारपीट तक जा पहुंची। एक पक्ष ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई तो अगले दिन दोनों पक्षों में फिर से लड़ाई होने लगी। कुछ ही समय में लड़ाई ने हिंसक रूप ले लिया और गोलियों के साथ-साथ पथराव भी होने लगा। इस घटना में लगभग डेढ़ दर्जन लोग घायल हो गए। हिंसा की सूचना पुलिस को मिली तो पुलिस भी मौके पर मोर्चा संभालने पहुंच गई। मगर माइक में चीखने के बावजूद किसी ने पुलिस की एक ना सुनी और पुलिस मूकदर्शन बनी खड़ी रही।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल बुधवार शाम को आर्य नगर गांव का निवासी सत्यम सिंह राजेंद्रा चौराहे पर स्थित चाट की दुकान पर पानी की बोतल खरीदने कार से उतरा। वहां पर फतेहपुर रोशनाई के रहने वाले दो शख्स अर्पित और लकी गोलगप्पे खा रहे थे। इसी बीच उनमें झगड़ा शुरू हुआ और सत्यम बीच बचाव करने चला गया। सत्यम की किसी बात पर मारपीट हो गई और सत्यम की मां ने 10 लोगों के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज करवा दिया।
शुरू हुई फायरिंग
गुरुवार की सुबह दोनों पक्षों में विवाद और गहरा गया। हालात यह बने की फत्तेपुर रोशनाई के लोग आर्य नगर आकर गाली गलौज करते हुए मारपीट करने लगे। इसपर आर्य नगर के लोगों ने फत्तेपुर रोशनाई के लोगों को रास्ते में रोकना शुरू कर दिया। इस दौरान दोनों पक्षों द्वारा कई जगह तोड़फोड़ कर दी गई। आर्य नगर के व्यापारी छोटेलाल गुप्ता का परिवार वीडियो बनाने की वजह से झगड़े की चपेट में आ गया। भीड़ ने वीडियो बनाने वाले छोटेलाल के घर व दुकान पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। ऐसे में आत्मरक्षा के लिए छोटेलाल भी छत पर खड़े होकर फायरिंग करने लगे। इसके बाद माहौल और भी ज्यादा बिगड़ गया।
20 लोग घायल
छोटे लाल गुप्ता परिवार सहित जान बचाकर भाग रहे थे तभी ग्रामीणों ने घेरकर उनपर हमला बोल दिया। बवाल बढ़ता देखकर पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसी तरह छोटे लाल गुप्ता को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना में करीब 20 लोग घायल हो गए। कुछ लोगों को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने जनआक्रोश देखकर लाठी चार्ज करने की चेतावनी दी मगर हालात फिर भी काबू में नहीं आ सके।
पुलिस ने दर्ज की शिकायत
रनिया थाना अध्यक्ष महेंद्र पटेल ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस ने वीडियोग्राफी कराई है। उपद्रवियों की पहचान कर गिरफ्तारियां की जाएंगी। अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

