Wine और घी से लिया बदला: दिल्ली को हिला देने वाली सनसनीखेज हत्या की कहानी
कल्पना कीजिए — दिल्ली की एक शांत रात, लेकिन कुछ ही घंटों में वह मौत का मैदान बन जाती है।
एक छात्रा, अपने प्रेमी के धोखे से तिलमिलाई, उसके एक्स गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रचती है।
हथियार? कोई बंदूक या चाकू नहीं — शराब और घी।
यह कहानी सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि प्रेम, जुनून और बदले की खतरनाक सीमा को उजागर करती है।
पृष्ठभूमि: कॉलेज रोमांस से धोखे तक
दिल्ली के एक कॉलेज में 22 वर्षीय छात्रा प्रिया की मुलाकात राज से हुई।
दोनों के बीच प्यार पनपा — डेट्स, बातें, भविष्य के सपने।
लेकिन जल्द ही दरारें दिखने लगीं।
राज का रवैया बदल गया। एक दिन प्रिया ने उसके फोन में नेहा नाम की लड़की के मैसेज देखे — उसकी पुरानी प्रेमिका।
धोखे का एहसास ज़हर बन गया।
प्रिया ने पीछा करना शुरू किया, उसके फोन चेक करने लगी।
दोस्तों ने उसकी बेचैनी देखी, पर वो चुप रही।
धीरे-धीरे यह प्यार जुनून में बदल गया।
जब दो प्रेमिकाएँ बनीं साजिशकर्ता
नेहा, जो पहले राज की गर्लफ्रेंड थी, अब उसकी ज़िंदगी में फिर लौट आई थी।
प्रिया ने गुस्से में उससे संपर्क किया।
दोनों की मुलाकात एक कैफ़े में हुई — शिकायतों और आंसुओं के बीच एक खतरनाक गठबंधन बन गया।
दोनों ने तय किया कि वे राज को उसकी “बेवफाई” की सज़ा देंगी।
रातों की कॉल्स और चैट्स में उन्होंने प्लान बनाया।
कोई हथियार नहीं — बस घर की चीज़ें।
Wine और घी — यही बने मौत के औज़ार।

हत्या की भयावह योजना: Wine और घी का घातक मेल
राज को Wine पसंद थी — यह प्रिया जानती थी।
उसने उसकी व्हिस्की में चूहे मारने की दवा (rat poison) मिलाई।
घी का इस्तेमाल किया ताकि ज़हर की गंध छिप जाए और असर तेज़ हो।
प्रिया ने वही ज़हर खाने में मिलाया — प्यार से परोसी हुई डिश।
राज को शक नहीं हुआ।
वो मुस्कराता हुआ Wine पीता रहा, खाना खाता रहा —
और धीरे-धीरे ज़हर असर दिखाने लगा।
अपराध की रात
अगस्त की उमस भरी रात थी।
प्रिया ने राज को “सुलह डिनर” के लिए बुलाया।
रात करीब 10 बजे राज बेहोश होकर गिर पड़ा।
नेहा बाहर इंतज़ार कर रही थी।
दोनों ने शव को चादर में लपेटा, टैक्सी से यमुना किनारे ले गईं,
और पानी में फेंक दिया, सोचकर कि सब खत्म हो गया।
लेकिन गलतियाँ हो गईं —
गिलासों पर फिंगरप्रिंट, फोन लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज —
और सारा खेल खुल गया।

पुलिस की जांच और खुलासा
दो दिन बाद जब राज लापता बताया गया, पुलिस ने केस खोला।
शव यमुना में मिला — कोई बाहरी चोट नहीं, पर
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने सच्चाई उगल दी।
पेट में जहर, Wine और घी के तत्व मिले।
फॉरेंसिक रिपोर्ट ने साबित किया कि यह प्राकृतिक मौत नहीं थी।
कॉल डिटेल्स में प्रिया और नेहा की बातचीत सामने आई।
सीसीटीवी में दोनों की तस्वीरें थीं।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में उन्होंने सब कबूल कर लिया —
“हमसे वो धोखा बर्दाश्त नहीं हुआ।”
कोर्ट और सजा की संभावना
मामला दिल्ली की अदालत में चल रहा है।
IPC की धारा 302 (हत्या) और 120B (साज़िश) के तहत मुकदमा दर्ज।
बेल नहीं मिली।
ऐसे मामलों में आमतौर पर आजीवन कारावास की सज़ा होती है।
जज ने टिप्पणी की — “यह प्रेम नहीं, विकृति थी।”
सबक: प्रेम, मानसिक स्वास्थ्य और सीमाएँ
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार,
प्रिया का व्यवहार ऑब्सेसिव अटैचमेंट डिसऑर्डर की ओर इशारा करता है।
जब प्यार अधिकार में बदल जाता है, तो सोचने की क्षमता खत्म हो जाती है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं:
गुस्से या ईर्ष्या में कोई कदम न उठाएँ।
भरोसेमंद दोस्त या काउंसलर से बात करें।
भावनाओं को लिखें, दबाएँ नहीं।
ध्यान और साँस नियंत्रण जैसी तकनीक अपनाएँ।
जुनून का अंधेरा चेहरा
यह कहानी एक चेतावनी है —
प्यार अगर सीमाएँ तोड़े, तो विनाश लाता है।
प्रिया, राज, नेहा — तीनों की ज़िंदगियाँ खत्म हो गईं, अलग-अलग तरीकों से।
घरेलू चीज़ें — Wine और घी — जब जुनून से जुड़ें, तो मौत का रूप ले लेती हैं।
सीख:
प्रेम में विश्वास रखें, स्वामित्व नहीं।
गुस्से में सोचें नहीं, रुकें और मदद लें।
क्योंकि कभी-कभी, एक पल का बदला ज़िंदगी भर की सज़ा बन जाता है।
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