पश्चिम बंगाल राज्यसभा चुनाव: क्या मुकाबला सिर्फ टीएमसी और बीजेपी के बीच?
पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर हलचल है। विधानसभा की तस्वीर साफ होने के बाद अब नजरें राज्यसभा चुनाव पर टिकी हैं। सवाल उठ रहा है—क्या मुकाबला सिर्फ दो दलों, यानी All India Trinamool Congress (टीएमसी) और Bharatiya Janata Party (बीजेपी) के बीच है? या छोटे दल भी समीकरण बदल सकते हैं?
आइए आंकड़ों के आधार पर पूरी तस्वीर समझते हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा की मौजूदा स्थिति-Trinamool
राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा ही राज्यसभा चुनाव में वोट देती है। वर्तमान संख्या इस प्रकार है:
टीएमसी: 215 विधायक
बीजेपी: 75 विधायक
कांग्रेस + वामदल: 3 विधायक
अन्य/निर्दलीय: 1 विधायक
कुल मिलाकर 294 सदस्य।
स्पष्ट है कि टीएमसी का दबदबा है, लेकिन विपक्ष की संख्या भी नजरअंदाज करने लायक नहीं है।

राज्यसभा चुनाव का गणित कैसे काम करता है?
राज्यसभा चुनाव प्रत्यक्ष मतदान नहीं होते। इसमें विधायक वोट देते हैं और एक खास फॉर्मूला लागू होता है।
कोटा कैसे तय होता है?
इस बार यदि 5 सीटें खाली हैं, तो कोटा का फॉर्मूला होगा:
कुल विधायक÷(सीटें+1)+1\text{कुल विधायक} ÷ (सीटें + 1) + 1
294 ÷ 6 = 49
49 + 1 = 50
यानी किसी उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 50 वोट चाहिए।
टीएमसी की स्थिति-Trinamool
215 विधायकों के साथ टीएमसी:
200 वोट = 4 सीटें पक्की (50×4)
15 वोट अतिरिक्त
इसका मतलब है कि टीएमसी को कम से कम 4 सीटें मिलना लगभग तय है।
अगर कुछ अतिरिक्त समर्थन (निर्दलीय या विपक्षी क्रॉस-वोटिंग) मिलता है, तो पांचवीं सीट भी संभव है।

बीजेपी का गणित
75 विधायकों के साथ:
50 वोट = 1 सीट पक्की
25 वोट अतिरिक्त
दूसरी सीट के लिए बीजेपी को 25 और वोट चाहिए होंगे। यह तभी संभव है जब कांग्रेस, वाम या निर्दलीय समर्थन दें या क्रॉस-वोटिंग हो।
वर्तमान गणित के अनुसार बीजेपी को 1 सीट मिलना लगभग तय है।
छोटे दल और निर्दलीय: क्या बदल सकते हैं खेल?
कांग्रेस और वाम के 3 विधायक + 1 निर्दलीय = 4 वोट।
ये चार वोट:
अगर टीएमसी के साथ जाते हैं → पांचवीं सीट मजबूत
अगर बीजेपी के साथ जाते हैं → दूसरी सीट की संभावना
अगर विभाजित होते हैं → बड़ा दल फायदा उठाएगा
राज्यसभा चुनाव अक्सर “शतरंज” की तरह होते हैं—एक-एक वोट मायने रखता है।

क्रॉस-वोटिंग की संभावना
राजनीति में अनुशासन हमेशा पूर्ण नहीं होता। कभी-कभी विधायक पार्टी लाइन से हटकर वोट देते हैं।
यदि विपक्ष एकजुट नहीं हुआ, तो टीएमसी का पलड़ा भारी रहेगा।
यदि विपक्ष एकजुट हुआ और क्रॉस-वोटिंग हुई, तो परिणाम थोड़ा रोचक हो सकता है।
संभावित सीट वितरण (गणित के आधार पर)
| पार्टी | संभावित सीटें |
|---|---|
| टीएमसी | 4 (संभवतः 5) |
| बीजेपी | 1 |
| अन्य | परिस्थितियों पर निर्भर |
क्या यह सिर्फ दो दलों की लड़ाई है?
गणित के आधार पर देखें तो मुख्य मुकाबला टीएमसी और बीजेपी के बीच है।
लेकिन छोटे दल और निर्दलीय पूरी तरह अप्रासंगिक नहीं हैं।
एकजुटता या क्रॉस-वोटिंग से तस्वीर में हल्का बदलाव संभव है, पर मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि टीएमसी स्पष्ट बढ़त में है।

आगे की राजनीतिक तस्वीर-Trinamool
राज्यसभा परिणाम:
राज्य की राजनीतिक ताकत का संकेत देंगे
2026 के विधानसभा चुनाव की दिशा बताएंगे
राष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम बंगाल की आवाज तय करेंगे
अंत में सवाल यही—क्या विपक्ष रणनीतिक एकजुटता दिखाएगा या टीएमसी का दबदबा कायम रहेगा?
आपकी राय क्या है? क्या कोई चौंकाने वाला परिणाम संभव है?
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