ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 1992 से रणनीतिक साझेदारी तक
India और इज़राइल के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध 1992 में स्थापित हुए। इससे पहले वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों के कारण संबंध सीमित थे।
1992 के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तेज़ी आई। 2017 में प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक इज़राइल यात्रा और उसके बाद इज़राइली प्रधानमंत्री की India यात्रा ने सहयोग को खुलकर आगे बढ़ाया। रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत हुई।
रक्षा सहयोग: विश्वास की मजबूत नींव
India-इज़राइल संबंधों की सबसे मजबूत कड़ी रक्षा सहयोग है।
मुख्य रक्षा सहयोग उदाहरण:
स्पाइक एंटी-टैंक मिसाइल
हेरॉन ड्रोन
फाल्कन रडार प्रणाली
बराक मिसाइल प्रणाली
2000 के बाद से India ने इज़राइल से अरबों डॉलर के रक्षा उपकरण खरीदे हैं। दोनों देश संयुक्त अनुसंधान एवं विकास (R&D) परियोजनाओं पर भी काम कर रहे हैं, जिनमें मिसाइल रक्षा और ड्रोन तकनीक शामिल हैं।

मुक्त व्यापार समझौता (FTA): आर्थिक संभावनाओं का द्वार
वर्तमान में India–इज़राइल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 10 अरब डॉलर प्रतिवर्ष है। FTA लागू होने के बाद 2030 तक इसके दोगुना होने की संभावना है।
FTA की प्रमुख विशेषताएँ
लगभग 90% वस्तुओं पर टैरिफ में कमी
सेवा क्षेत्र में बाजार पहुंच
निवेश सुरक्षा प्रावधान
स्टार्टअप और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा
संभावित लाभकारी क्षेत्र
सूचना प्रौद्योगिकी (IT)
फार्मास्यूटिकल्स
नवीकरणीय ऊर्जा
हीरा उद्योग
कृषि तकनीक
भारतीय MSME और स्टार्टअप्स के लिए यह एक बड़ा अवसर होगा।

कृषि और जल प्रबंधन: रेगिस्तान से देccan तक
इज़राइल की ड्रिप इरिगेशन तकनीक ने India के कई राज्यों में खेती को बदला है।
20 से अधिक उत्कृष्टता केंद्र (Centers of Excellence)
पानी की खपत में 50–60% तक कमी
फसल उत्पादकता में 30–40% वृद्धि
राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में यह तकनीक किसानों के लिए वरदान साबित हुई है।
साइबर सुरक्षा और डिजिटल सहयोग
साइबर खतरों के बढ़ते दौर में दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं।
संयुक्त साइबर प्रशिक्षण कार्यक्रम
बैंकिंग और पावर ग्रिड सुरक्षा
थ्रेट इंटेलिजेंस साझेदारी
यह सहयोग डिजिटल अर्थव्यवस्था को सुरक्षित बनाने में सहायक है।
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अंतरिक्ष और अनुसंधान सहयोग
India और इज़राइल अंतरिक्ष तकनीक में भी सहयोग कर रहे हैं।
संयुक्त उपग्रह परियोजनाएँ
रिमोट सेंसिंग और मौसम पूर्वानुमान
अनुसंधान में करोड़ों डॉलर का निवेश
यह सहयोग आपदा प्रबंधन और कृषि योजना में मदद करता है।
भू-राजनीतिक महत्व
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा दोनों देशों की प्राथमिकता है।
अंतरराष्ट्रीय मंचों—जैसे G20 और संयुक्त राष्ट्र—में दोनों देश आतंकवाद और सतत विकास जैसे मुद्दों पर समान रुख अपनाते हैं।
भविष्य की ओर मजबूत कदम
India–इज़राइल संबंध अब केवल रक्षा या कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तकनीक, नवाचार और व्यापार तक विस्तारित हो चुके हैं।
आगामी FTA इस रणनीतिक साझेदारी को आर्थिक मजबूती देगा। इससे व्यापार बढ़ेगा, निवेश आएगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्र इस संबंध को और गहरा करेंगे।
व्यवसायों और निवेशकों के लिए यह सही समय है कि वे इस संभावित FTA पर नजर रखें और नए बाजार अवसरों के लिए तैयार रहें।
India–इज़राइल साझेदारी वास्तव में समय की कसौटी पर खरी उतरी है—और अब यह एक नए युग में प्रवेश करने को तैयार है।
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