Akhilesh ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कांवड़ यात्रा को लेकर तीखा हमला
हुए कहा कि उनकी सरकार के दौरान कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाए गए थे, जबकि वर्तमान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार श्रद्धालुओं का सम्मान करती है और उन पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करना भी है।
योगी आदित्यनाथ ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का पवित्र अवसर होता है और इस दौरान लाखों श्रद्धालु विभिन्न तीर्थस्थलों से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों में जलाभिषेक करने जाते हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा सरकार इसे सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम करती है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान कांवड़ यात्रा को लेकर प्रतिबंधात्मक रवैया अपनाया गया था। उन्होंने कहा कि उस समय श्रद्धालुओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था, जबकि वर्तमान सरकार ने उनकी सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। योगी ने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और श्रद्धालुओं का सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाता है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में कांवड़ मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं, विश्राम स्थल, मोबाइल शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर प्रशासन और स्थानीय संगठनों की ओर से श्रद्धालुओं पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाकर उनका स्वागत किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक आयोजन के साथ भेदभाव नहीं किया जाता, लेकिन करोड़ों लोगों की आस्था का सम्मान करना सरकार का दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए धार्मिक आयोजनों को विवाद का विषय बनाते हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी की राजनीति सांस्कृतिक विरासत और भारतीय परंपराओं के संरक्षण पर आधारित है, जबकि विपक्ष ने लंबे समय तक इन्हें उपेक्षित किया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान मिली है। काशी, अयोध्या, मथुरा, प्रयागराज और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए गए हैं। योगी ने कहा कि इससे न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिली हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हुई है।
कांवड़ यात्रा की तैयारियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय और अन्य एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी अपील की कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखें।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज कानून-व्यवस्था और धार्मिक आयोजनों के सफल संचालन के मामले में देश के लिए उदाहरण बन रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बड़े धार्मिक आयोजनों का शांतिपूर्ण और व्यवस्थित आयोजन सरकार की प्रशासनिक क्षमता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री के इस बयान को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राज्य में आगामी चुनावों से पहले धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक विमर्श के केंद्र में हैं। बीजेपी लगातार अपनी सरकार को हिंदू आस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जोड़कर प्रस्तुत कर रही है, जबकि समाजवादी पार्टी इन आरोपों को राजनीतिक प्रचार करार देती रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों को लेकर दिए गए ऐसे बयान चुनावी माहौल में राजनीतिक संदेश देने का काम करते हैं। एक ओर बीजेपी अपनी उपलब्धियों और धार्मिक आयोजनों में किए गए प्रबंधों को प्रमुखता से सामने रख रही है, वहीं विपक्ष सरकार पर धार्मिक मुद्दों के राजनीतिक उपयोग का आरोप लगाता है।
फिलहाल सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा की तैयारियां पूरे उत्तर प्रदेश में जोरों पर हैं। सरकार सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर लगातार समीक्षा बैठकें कर रही है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने भाषणों में इसे आस्था, संस्कृति और सुशासन का प्रतीक बताते हुए विपक्ष पर निशाना साध रहे हैं। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल सरकार के दावों पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति का भी एक प्रमुख मुद्दा बनती दिखाई दे रही है।
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