CJP का विरोध: 14 घंटे से अधिक के बाद, दिल्ली मेट्रो के 3 स्टेशनों पर एंट्री फिर से शुरू
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में CJP (Civil Justice Platform) के विरोध प्रदर्शन के चलते सुरक्षा कारणों से बंद किए गए दिल्ली मेट्रो के तीन स्टेशनों पर 14 घंटे से अधिक समय बाद यात्रियों की एंट्री फिर से शुरू कर दी गई। मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने और कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू होने के कारण पूरे दिन आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, स्थिति सामान्य होने और सुरक्षा एजेंसियों से अनुमति मिलने के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने स्टेशनों को दोबारा यात्रियों के लिए खोल दिया।
सुरक्षा के मद्देनज़र लिया गया था फैसला
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। इसी क्रम में दिल्ली मेट्रो के कुछ प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट अस्थायी रूप से रोक दी गई थी।
अधिकारियों का कहना था कि प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना थी, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी। इसी कारण मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का निर्णय लिया गया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
CJP 14 घंटे बाद बहाल हुई सेवाएं
करीब 14 घंटे से अधिक समय तक बंद रहने के बाद संबंधित तीनों मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री फिर से शुरू कर दी गई। DMRC ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब स्टेशन सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं और यात्रियों को नियमित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
हालांकि, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था अभी भी पूरी तरह सक्रिय रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त जांच की जा सकती है।
यात्रियों को हुई भारी परेशानी
स्टेशनों के बंद रहने से हजारों यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन का सहारा लेना पड़ा। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, छात्र और अन्य दैनिक यात्री सबसे अधिक प्रभावित हुए।
कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ी, जबकि कुछ लोगों को ऑटो और टैक्सी के लिए अधिक किराया देना पड़ा। सड़क मार्ग पर भी ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से यात्रा का समय सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक हो गया।
दिल्ली पुलिस रही पूरी तरह सतर्क
CJP प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और वाहनों की जांच भी की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद स्थिति का लगातार आकलन किया गया, जिसके पश्चात मेट्रो स्टेशनों को खोलने का निर्णय लिया गया।
ट्रैफिक डायवर्जन का असर
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया था। इसके कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में लंबा जाम देखने को मिला।
विशेष रूप से केंद्रीय दिल्ली और प्रदर्शन स्थल के आसपास के इलाकों में वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। ट्रैफिक पुलिस लगातार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह देती रही।
DMRC ने यात्रियों से की अपील
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने यात्रियों से अपील की कि यात्रा शुरू करने से पहले मेट्रो सेवाओं से जुड़ी ताजा जानकारी अवश्य जांच लें। DMRC ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर परिचालन में अस्थायी बदलाव किए जा सकते हैं।
साथ ही यात्रियों से सुरक्षा जांच में सहयोग करने और स्टेशन परिसर में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने का अनुरोध किया गया।
सामान्य होने लगी स्थिति
स्टेशनों के दोबारा खुलने के बाद धीरे-धीरे मेट्रो सेवाएं सामान्य होती दिखाई दीं। शाम तक अधिकांश मार्गों पर यात्रियों की आवाजाही नियमित हो गई और भीड़ भी नियंत्रित रही।
हालांकि, CJP सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती जारी रही ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। प्रशासन ने कहा कि राजधानी में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और आम लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

