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Hafiz सईद ने कश्मीर में 10,000 आतंकवादी भेजे? पाकिस्तानी धर्मगुरु के दावे से मचा हड़कंप

पाकिस्तान से सामने आए एक कथित वीडियो ने कश्मीर में आतंकवाद और लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक पाकिस्तानी धर्मगुरु कथित तौर पर दावा करता दिखाई दे रहा है कि लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद ने कश्मीर में करीब 10,000 आतंकवादियों को भेजा था। यह वीडियो 19 अगस्त 2026 को चर्चा में आया और भारतीय मीडिया में इसे लेकर व्यापक रिपोर्टिंग हुई है।

हालांकि, इस दावे को समझते समय यह महत्वपूर्ण है कि 10,000 आतंकवादियों को कश्मीर भेजे जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। इसलिए वीडियो में कही गई बात को पुष्ट तथ्य के बजाय पाकिस्तानी धर्मगुरु का दावा मानकर ही देखा जाना चाहिए। इसके बावजूद यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हाफिज सईद और उसके संगठन का नाम लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों से जोड़ा जाता रहा है।

वीडियो में क्या दावा किया गया?

वायरल वीडियो से संबंधित रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी धर्मगुरु ने Hafiz सईद और कश्मीर में आतंकवाद के बीच संबंधों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि सईद ने हजारों आतंकवादियों को कश्मीर भेजा। वीडियो को लेकर भारतीय मीडिया में इसे पाकिस्तान के भीतर से आया एक बड़ा दावा बताया जा रहा है।

इस दावे ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि लश्कर-ए-तैयबा का इतिहास जम्मू-कश्मीर में हिंसक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। हाफिज सईद इस संगठन का संस्थापक रहा है और बाद में जमात-उद-दावा के प्रमुख के रूप में भी सामने आया। भारत लंबे समय से उसे आतंकवादी गतिविधियों और 26/11 मुंबई हमलों से जोड़ता रहा है।

‘hafiz saeed sent 10,000 terrorists to kashmir’: pakistani cleric’s explosive claim - videoHafiz सईद का कश्मीर एजेंडा

Hafiz सईद ने अतीत में सार्वजनिक मंचों से कश्मीर को लेकर भारत के खिलाफ बेहद आक्रामक बयान दिए हैं। फरवरी 2010 में लाहौर में कश्मीर सॉलिडेरिटी डे के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उसने जम्मू-कश्मीर को लेकर ‘जिहाद’ की धमकी दी थी। उस कार्यक्रम में करीब 10,000 लोग मौजूद थे।

2013 में भी सईद ने इस्लामाबाद में एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, उस रैली में 10,000 से अधिक लोग जमा हुए थे और भीड़ की ओर से भारत के खिलाफ ‘जिहाद’ के नारे लगाए गए थे।

2014 में सईद ने फिर कश्मीर के मुद्दे पर अपने समर्थकों को भारत के खिलाफ लड़ाई के लिए तैयार रहने का आह्वान किया था। उस समय भारतीय मीडिया रिपोर्टों में उसके भाषण और बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी का उल्लेख किया गया था।

इन घटनाओं से यह स्पष्ट है कि सईद का सार्वजनिक एजेंडा लंबे समय से कश्मीर और भारत विरोधी अभियान के इर्द-गिर्द रहा है। लेकिन इन पुराने बयानों से वायरल वीडियो में किए गए 10,000 आतंकवादियों को कश्मीर भेजने के विशिष्ट दावे की पुष्टि नहीं होती

लश्कर-ए-तैयबा और कश्मीर में आतंकवाद

लश्कर-ए-तैयबा को जम्मू-कश्मीर में सक्रिय प्रमुख आतंकवादी संगठनों में गिना जाता रहा है। भारत ने हाफिज सईद को संगठन के संस्थापक और वैचारिक नेतृत्व से जोड़ा है। विभिन्न अध्ययनों में लश्कर की संगठनात्मक संरचना, भर्ती और जम्मू-कश्मीर में उसके कैडर की मौजूदगी पर चर्चा की गई है।

2016 में भारतीय खुफिया एजेंसियों से जुड़ी रिपोर्टों में भी हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन पर कश्मीर में गतिविधियों के लिए धन जुटाने का आरोप लगाया गया था। उस समय सामने आई जानकारी में पाकिस्तान में कथित फंड जुटाने वाले नेटवर्क और कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों के बीच संबंधों का उल्लेख था।

यानी कश्मीर में आतंकवाद को लेकर हाफिज सईद और उसके नेटवर्क का नाम पहले भी गंभीर आरोपों और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्टों में आता रहा है। लेकिन 10,000 की संख्या का नया दावा एक अलग और कहीं अधिक बड़ा दावा है, जिसके लिए स्वतंत्र प्रमाण आवश्यक होंगे।

26/11 मुंबई हमले से भी जुड़ा नाम

हाफिज सईद का नाम 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मामले में भी प्रमुखता से सामने आया था। भारत ने उसे हमले के पीछे जिम्मेदार लोगों में शामिल बताया है। अमेरिका ने भी उसकी गिरफ्तारी और दोषसिद्धि की दिशा में सूचना देने पर 10 मिलियन डॉलर तक के इनाम की घोषणा की थी।

पाकिस्तान की राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक संस्था के दस्तावेज के अनुसार, हाफिज मुहम्मद सईद को 2020 में आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादी संगठनों से संबंध रखने के मामलों में दोषी ठहराया गया था। उसे कई वर्षों की सजा सुनाई गई थी।

इस पृष्ठभूमि में जब कोई पाकिस्तानी धार्मिक नेता सार्वजनिक रूप से सईद के कथित आतंकवादी नेटवर्क या कश्मीर में आतंकवादियों की संख्या को लेकर दावा करता है, तो बयान स्वाभाविक रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित करता है।

क्या 10,000 का आंकड़ा सच है?

यही इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टिंग में वीडियो में किए गए दावे का उल्लेख तो है, लेकिन ऐसा कोई स्वतंत्र आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है जो यह साबित करे कि हाफिज सईद ने वास्तव में 10,000 आतंकवादियों को कश्मीर भेजा था। इसलिए इस आंकड़े को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

आतंकवादी संगठनों के कैडर, घुसपैठ और सक्रिय आतंकवादियों की संख्या को लेकर अलग-अलग समय पर अलग-अलग आंकड़े सामने आते रहे हैं। किसी संगठन के कुल सदस्य, प्रशिक्षित कैडर, सीमा पार मौजूद लोग और कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी—इन सभी श्रेणियों को एक ही संख्या मानना गलत हो सकता है।

इसलिए वायरल वीडियो का दावा जांच का विषय जरूर है, लेकिन इसे प्रमाणित तथ्य मानने से पहले स्वतंत्र सुरक्षा दस्तावेजों या विश्वसनीय जांच रिपोर्टों की जरूरत होगी।

‘hafiz saeed sent 10,000 terrorists to kashmir’: pakistani cleric’s explosive claim - video

भारत के लिए क्या मायने रखता है?

यदि भविष्य में इस दावे के समर्थन में विश्वसनीय दस्तावेज सामने आते हैं, तो यह पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी नेटवर्क और कश्मीर में लंबे समय से चल रही हिंसा के संबंधों पर नई बहस को जन्म दे सकता है। भारत पहले से ही पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है।

दूसरी ओर, पाकिस्तान लगातार ऐसे आरोपों को खारिज करता रहा है। इसलिए किसी वायरल वीडियो में दिए गए बयान को दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सुरक्षा विवाद के संदर्भ में सावधानी से देखना जरूरी है।

निष्कर्ष

हाफिज सईद द्वारा कश्मीर में 10,000 आतंकवादियों को भेजे जाने का दावा सामने आने के बाद सोशल मीडिया और भारतीय मीडिया में चर्चा तेज हो गई है। वीडियो में पाकिस्तानी धर्मगुरु द्वारा किया गया कथित दावा गंभीर है, लेकिन इस समय इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य नहीं माना जा सकता। उपलब्ध ऐतिहासिक रिकॉर्ड यह जरूर दिखाते हैं कि हाफिज सईद और लश्कर-ए-तैयबा का कश्मीर केंद्रित भारत-विरोधी एजेंडा लंबे समय से रहा है और सईद ने सार्वजनिक मंचों से कश्मीर के नाम पर हिंसक ‘जिहाद’ की वकालत की है।

ऐसे में वायरल वीडियो की सबसे बड़ी अहमियत उसके दावे से अधिक इस बात में है कि पाकिस्तान के भीतर से आतंकवादी नेटवर्क और कश्मीर के संबंध में इस तरह का बयान सामने आया है। हालांकि, 10,000 की संख्या और उसे सीधे हाफिज सईद द्वारा कश्मीर भेजे जाने के दावे की पुष्टि के लिए आगे ठोस और स्वतंत्र प्रमाणों का इंतजार करना होगा।

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