BJP ने आधिकारिक तौर पर घोषित किया उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 28 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने उनके नाम को मंजूरी दी।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब पुरी का उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में मौजूदा कार्यकाल नवंबर में समाप्त होने वाला है। इससे पहले उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा की घोषित उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम शामिल नहीं था।
पुरी को मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनके संसद के उच्च सदन में बने रहने का रास्ता खुला है। हालांकि, उम्मीदवार घोषित होना और चुनाव जीतना दो अलग-अलग चरण हैं। उनकी औपचारिक जीत मतदान के परिणाम पर निर्भर करेगी।
2. एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
BJP मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उन्होंने 14 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा की सदस्यता और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था।
मुरुगन के राज्यसभा का कार्यकाल मूल रूप से 2 अप्रैल 2030 तक निर्धारित था। हालांकि, उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने और पार्टी के संगठनात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से पद छोड़ने का फैसला किया।
उनके इस्तीफे के बाद निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया। भाजपा ने अब इस सीट के लिए हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार बनाया है।
3. 12 नवंबर को होगा राज्यसभा उपचुनाव
निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट के लिए मतदान 12 नवंबर 2026 को होगा। चुनाव की प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं:
नामांकन की अंतिम तारीख: 2 नवंबर 2026
नामांकन पत्रों की जांच: 3 नवंबर 2026
नाम वापस लेने की अंतिम तारीख: 5 नवंबर 2026
मतदान की तारीख: 12 नवंबर 2026
मतगणना: 12 नवंबर को शाम 5 बजे
BJP निर्वाचन प्रक्रिया 16 नवंबर 2026 से पहले पूरी की जानी है।
राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव संबंधित राज्य के निर्वाचित विधायक करते हैं। इसलिए इस चुनाव में आम जनता सीधे मतदान नहीं करती, बल्कि मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
4. मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा की स्थिति
BJP मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है और विधानसभा में पार्टी की स्थिति उसे इस चुनाव में बढ़त देती है। इसी कारण राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हरदीप सिंह पुरी की उम्मीदवारी को अपेक्षाकृत मजबूत माना जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव में विधायकों के मतों का महत्व होता है। चुनाव की प्रक्रिया, उम्मीदवारों की संख्या और विधानसभा में दलों की वास्तविक संख्या परिणाम को प्रभावित कर सकती है।
भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पुरी को पार्टी के विधायकों का समर्थन मिलने की संभावना है। हालांकि, अंतिम परिणाम की आधिकारिक घोषणा मतदान और मतगणना पूरी होने के बाद ही होगी।
5. कौन हैं हरदीप सिंह पुरी?
हरदीप सिंह पुरी एक वरिष्ठ राजनयिक से राजनेता बने नेता हैं। वह वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
राजनीति में आने से पहले पुरी ने भारतीय विदेश सेवा में काम किया और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के क्षेत्र में लंबा अनुभव हासिल किया। वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि भी रह चुके हैं।
राजनयिक के रूप में उनके अनुभव के बाद उन्होंने भाजपा के साथ राजनीतिक भूमिका निभाई और केंद्र सरकार में मंत्री बने। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में उनकी जिम्मेदारियों में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी नीतियां, पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और प्राकृतिक गैस के विकास जैसे विषय शामिल हैं।
पुरी इससे पहले उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। अब मध्य प्रदेश से उनकी उम्मीदवारी का उद्देश्य संसद के उच्च सदन में उनकी सदस्यता को आगे जारी रखने का अवसर प्रदान करना है।
6. उत्तर प्रदेश की सूची में नाम नहीं आने के बाद बढ़ी थीं अटकलें
BJP हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाए जाने से पहले भाजपा की उत्तर प्रदेश राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम नहीं था। पार्टी ने उत्तर प्रदेश के लिए आठ उम्मीदवारों की घोषणा की थी, लेकिन पुरी को दोबारा वहां से नामित नहीं किया गया।
इसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य और केंद्र सरकार में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला था।
मध्य प्रदेश से उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद उनकी संसद सदस्यता जारी रखने की संभावना मजबूत हुई है। हालांकि, मंत्री पद पर बने रहने और राज्यसभा की सदस्यता हासिल करने की प्रक्रियाएं अलग-अलग हैं।
7. क्या केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना है?
एल. मुरुगन के इस्तीफे और हरदीप सिंह पुरी की नई उम्मीदवारी के बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं हो रही हैं।
पुरी का नाम उत्तर प्रदेश के उम्मीदवारों की सूची में नहीं होने से उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। अब मध्य प्रदेश से उनकी उम्मीदवारी की घोषणा ने इन चर्चाओं को नया संदर्भ दिया है।
हालांकि, केवल उम्मीदवार बदलने या राज्यसभा सीट के लिए किसी मंत्री को नामित करने से मंत्रिमंडल में फेरबदल की पुष्टि नहीं होती। केंद्र सरकार की ओर से किसी व्यापक फेरबदल की आधिकारिक घोषणा के बिना इस विषय को अटकल के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
8. भाजपा के फैसले का राजनीतिक महत्व
हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाना भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का महत्वपूर्ण संगठनात्मक फैसला है। इससे पार्टी को एक अनुभवी केंद्रीय मंत्री की संसदीय सदस्यता जारी रखने का अवसर मिलता है और रिक्त हुई राज्यसभा सीट को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
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