देहरादून, 02 जून चारधाम यात्रा में इस्तेमाल हो रहे घोड़े व खच्चरों की मौत का भारतीय जीव जंतु
कल्याण बोर्ड ने संज्ञान लिया है।
बोर्ड ने घोड़ों में होने वाली संक्रामक बीमारी ग्लैंडर्स का टेस्ट कराने को कहा है।
इस संबंध में बोर्ड ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। यह घातक बीमारी घोड़े से इंसानों में फैल सकती है। चारधाम
यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के देश के विभिन्न हिस्सों से होने के कारण इसके पूरे देश में फैलने का भी खतरा
है।
भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एसके दत्ता की ओर से मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा गया है
कि केदारनाथ व चारधाम के अन्य मार्गों पर लगातार घोड़े व खच्चरों के साथ क्रूरता की खबरें सामने आ रही है।
यात्रा में प्रयोग किए जा रहे घोड़े व खच्चरों का ग्लैंडर्स टेस्ट नहीं किया गया है। यह एक संक्रामक बीमारी है और
यह सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरा बन सकती है।
पत्र में कहा गया है कि यात्रा में व्यावसायिक रूप से प्रयोग किए जा
रहे पशुओं को यात्रा के दौरान आराम,
उचित चारा व गर्म पानी दिए बगैर उनसे क्षमता से अधिक कार्य लिया जा
रहा है। यह पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम अधिनियम व पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत आता है।

