Untitled design 2022 06 03T233300.805

नई दिल्ली, 03 जून । मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को रोहिणी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
(एसटीपी) का दौरा किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, यमुना की सफाई के साथ-साथ हम 24 घंटे जलापूर्ति के
लिए भूमिगत जल को रिचार्ज कर उत्पादन बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही रोहिणी एसटीपी के पास कई झीलें भी बना

रहे हैं। हमारा मकसद गंदे पानी को शोधित कर इस्तेमाल में लाना है और झीलों के जरिए भूजल स्तर को बढ़ाना
है। हमारे प्रयासों के नतीजे भी आने लगे हैं। 15 से 20 साल में पहली बार दिल्ली में पानी का उत्पादन 930

एमजीडी से बढ़कर 990 एमजीडी हुआ है। हमने आंतरिक स्रोतों से 60 एमजीडी अतिरिक्त उत्पादन बढ़ाया है।
केजरीवाल ने कहा कि 90 के दशक में सुप्रीम कोर्ट ने पड़ोसी राज्यों से दिल्ली को पानी आवंटित किया था। उसके

बाद इसे कभी नहीं बढ़ाया गया, जबकि तब दिल्ली की आबादी एक करोड़ से भी कम थी और आज करीब 2.5
करोड़ हो चुकी है। रोहिणी एसटीपी से ट्रीट हुआ

पानी पास बनी झीलों में डालेंगे। इससे ग्राउंड वाटर का स्तर बढ़ेगा
और फिर टयूबेल से निकाल कर इस्तेमाल करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा, पानी की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए दो समानांतर प्रयास किए जा रहे हैं। एक तरफ केंद्र
सरकार के जरिये पानी के लिए पड़ोसी राज्यों से बात कर रहे हैं। इसके साथ अपने स्तर पर भी प्रयास कर रहे हैं

कि किस तरह से पानी के बेहतरीन प्रबंधन से अंतरिक स्रोतों से और बढ़ा सकते हैं। अभी तक दिल्ली में 930
एमजीडी का उत्पादन होता था। आंतरिक स्रोतों के अंदर प्राथमिक तौर पर दो तरह के प्रयास किए गए हैं। पहला,

हमारे जितने एसटीपी लगे हुए हैं, जहां दिल्ली के सीवर को साफ करते हैं। क्या उस पानी को भी रीसाइकिल किया
जा सकता है? दूसरा, भूमिगत जल को किस तरह से रिचार्ज करके पानी को प्राप्त किया जाए।

केजरीवाल ने कहा, रोहिणी एसटीपी प्रतिदिन 15 एमजीडी सीवर ट्रीट करता है। पहले ये सारा पानी यमुना में डाल
दिया जाता था। उस पानी का हम इस्तेमाल नहीं करते थे।

अभी इस पानी की गुणवत्ता 25/30 है, जबकि पीने की
पानी की 3/3 होती है। अब हमने यह तय किया है कि पानी को शोधित कर यहां बनाई जा रही झील में डाला

जाए। रोहिणी एसटीपी का 15 एमजीडी पानी को साफ करने के लिए कई तकनीक अपनाई गई है, जिसकी मदद से
इसको 3/3 से भी ज्यादा साफ कर लिया जाएगा। अर्थात इस पानी को पीने योग्य बना देंगे।