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गाजियाबाद, 04 सितंबर ( मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम कसने में जुटी जिला
पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम को रविवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले की क्राइम ब्रांच

टीम ने 1 करोड़ रुपए कीमत की 5 किलोग्राम अफीम के साथ पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है।
जिनमें एक महिला भी शामिल है।

पुलिस का कहना है कि गिरोह के सदस्य झारखंड से सस्ते दामों
में अफीम लाकर उत्तर भारत के राज्यों में करीब 10 गुना मुनाफे पर सप्लाई करता है। पुलिस से

बचने के लिए गिरोह के सदस्य अपने परिवार की महिलाओं का तस्करी में इस्तेमाल करते हैं।

एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप जिला पुलिस ने मादक पदार्थों
की तस्करी और व्यापारी करने वाले अपराधियों के खिलाफ अभियान छेड़ हुआ है। इसी क्रम में क्राइम

ब्रांच टीम ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो झारखंड से अफीम लाकर दिल्ली.एनसीआर क्षेत्र
में सप्लाई करता है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कविनगर थानाक्षेत्र स्थित डायमंड आरओबी

के पास से महिला समेत पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है।

जिनमें झारखंड निवासी विनोद कुमार
गुप्ता, विनोद की बहन, बरेली निवासी श्याम बिहारी व गवेन्द्र और अलापुर बदायूं निवासी देवेन्द्र

शामिल हैं। एसपी सिटी ने बताया कि विनोद कुमार गुप्ता गिरोह का सरगना है। वही झारखंड से
अफीम आदि की खेप लाकर यहां अन्य तस्करों को सप्लाई करता था। पुलिस से बचने के लिए वह

अपने परिवार की महिलाओं को साथ लेकर चलता था। एसपी सिटी का दावा है कि बरामद अफीम
की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ रुपए आंकी गई है।

जल्द मोटा पैसा कमाने के लिए कर रहे थे अफीम तस्करी का धंधा
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि

गिरोह का सरगना विनोद कुमार गुप्ता ग्रेजुएट है। वह
झारखंड में ई.रिक्शा चलाता था। वहीं,

अलीगंज बरेली निवासी श्याम बिहारी आठवीं पास है। वह
अलीगंज बरेली में जूतों की दुकान चलाता है। इसके अलावा आरोपी देवेन्द्र अपनी ईको कार को टैक्सी

में चलाता है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने जल्द मोटा पैसा
कमाने के लिए मादक पदार्थों की तस्करी का धंधा शुरू किया था।

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि
वह बीते डेढ़ साल से इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे थे,

लेकिन अभी तक पकड़े नहीं गए थे। पुलिस
का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने अपने गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के भी नाम बताए हैं।

तस्दीक कर उन्हें भी जल्द पकड़ा जाएगा।
कई राज्यों में थी सप्लाई, पैसा लेने के बाद देते थे सप्लाई

क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने बताया कि गिरोह के सदस्य ऑन डिमांड माल की
सप्लाई करते थे। माल की सप्लाई करने से पूर्व सरगना अपने खाते में रकम ट्रांसफर करा लेता था।

माल सप्लाई करने के लिए आरोपी ट्रेन, बस और टैक्सी का इस्तेमाल करते थे। पूछताछ में
आरोपियों ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली और यूपी के विभिन्न जिलों में माल

सप्लाई करना कबूला है। क्राइम ब्रांच प्रभारी का कहना है कि बरामद अफीम की सप्लाई बरेली में
होनी थी। इसके अलावा आरोपी गवेन्द्र कुछ माल को उत्तराखंड व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में

सप्लाई करने वाला था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जब वह झारखंड से माल लेकर चलते थे
तो अपने मोबाइल फोन बंद कर लेते थे।

चर्चित तस्कर आतिफ से जुड़े हैं गिरोह के तार, तलाश में है पुलिस
क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी की मानें तो पकड़े गए गिरोह के तार पश्चिमी उत्तर प्रदेश

के चर्चित तस्कर एवं बरेली निवासी आतिफ से जुड़े हुए हैं। चंद माह पूर्व क्राइम ब्रांच टीम ने आतिफ
के दो भाइयों को पकड़ कर उसके गैंग का पर्दाफाश किया था। लेकिन पुलिस टीम अभी तक आतिफ

को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। आतिफ गैंग से क्राइम ब्रांच टीम ने करीब सवा करोड़ रुपए कीमत
की हेरोइन बरामद की थी। पुलिस का कहना है कि आतिफ गैंग के सदस्य दिल्ली.एनसीआर क्षेत्र में

बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं। पुलिस को शक है कि बरामद अफीम भी आतिफ
गैंग को ही सप्लाई करने के लिए लाई जा रही थी।

प्रभारी का कहना है कि क्राइम ब्रांच टीम आतिफ
को पकडऩे के लिए पूरे प्रयास कर रही है।