नई दिल्ली, 07 सितंबर राजधानी में बढ़े हुए प्रदूषण के चलते इस बार भी बिन पटाखों
के दिवाली का त्यौहार मनाया जाएगा। दिल्ली सरकार की तरफ से पटाखों के बनाने, उसे रखने एवं
बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय की तरफ से इसे
लेकर घोषणा की गई है। सरकार द्वारा पटाखों पर लगाया गया यह प्रतिबंध 1 जनवरी 2023 लक
लागू रहेगा। वर्ष 2021 में भी पराखों पर सरकार की तरफ से प्रतिबंध लगाया गया था।
जानकारी के अनुसार राजधानी में प्रदूषण का स्तर लगातार खराब चल रहा है। त्यौहारों के सीजन में
ठंड बढ़ने के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर भी खराब होने लगता है। ऐसे
में पटाखों के जलने से
प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा खराब होने की आशंका है।
इसके चलते दिल्ली सरकार ने त्यौहारों के
सीजन में पटाखों के बनाने से लेकर इसके जलाने पर रोक लगा दी है।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने
कहा है कि यह रोक दिल्ली में लोगों को प्रदूषण के खतरे से बचाने के लिए है।
पिछले साल की तरह
ही इस बार भी सभी तरह के पटाखों के उत्पादन, भंडारण,
बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध
रहेगा, ताकि लोगों की जिंदगी बचाई जा सके।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के अनुसार इस बार दिल्ली में पटाखों की ऑनलाइन बिक्री/डिलीवरी पर भी
प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध 1 जनवरी 2023 तक लागू रहेगा। इसका उल्लंघन करने वालों के
खिलाफ सख्ती बरती जाएगी और कानूनी कार्रवाई होगी।
इस प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने के
लिए दिल्ली पुलिस, डीपीसीसी और राजस्व विभाग के साथ मिलकर योजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि वह राजधानी को प्रदूषण से बचाने के लिए पटाखों का इस्तेमाल
न करें।
प्रतिबन्ध के बारे में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि दिल्ली में सर्दियों के मौसम में बढ़ने
वाले प्रदूषण में पटाखों का जलाना भी एक महत्वपूर्ण कारण होता है |
पिछले साल पटाखों की बिक्री
पर बैन होने के बावजूद लोगों द्वारा काफी मात्रा में ऑनलाइन पटाखे खरीदे गए थे। इस वजह से
किसी भी तरह के पटाखों की ऑनलाइन डिलीवरी या बिक्री पर इस वर्ष पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा | यह
प्रतिबन्ध हर तरह के पटाखों के लिए होगा।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के अनुसार दिल्ली सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर बेहद गंभीर
है।
प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए सरकार 15 फोकस बिंदुओं पर आधारित विंटर एक्शन प्लान बना
रही है।
विंटर एक्शन प्लान के तहत सरकार द्वारा विभिन्न अभियान चलाए जाएंगे, ताकि प्रदूषण
को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील हैं कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के
लिए सरकार के साथ सहयोग करें।

