स्योहारा : बिजनौर मुख्यालय में सम्पन्न हुए मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ के ज़िला सम्मेलन में स्योहारा ब्लाक और उसके आसपास के मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ साथ उन महत्वपूर्ण मुद्दों
को उठाया जिसको लेकर प्रदेश भर के आधुनिकीकरण मदरसा शिक्षक परेशान हैं। ब्लाक अध्यक्ष तनवीर अहमद चौधरी के नेतृत्व में सुबह सवेरे ही आधुनिकीकरण शिक्षकों का जत्था जिनमें मास्टर उबैदउर रहमान, मास्टर तैयबउज़्ज़मां,
अनवार अहमद आदि भी शामिल थे बिजनौर के लिए निकल पड़े। रास्ते में अनेक अन्य मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों को भी साथ में लिया। बिजनौर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर ज़ोर शोर से मदरसा शिक्षक ज़िंदाबाद के नारों के साथ पंडाल
में प्रवेश किया। पंडाल के मुख्य द्वार पर स्योहारा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ का फ्लेक्सी बैनर लगा दिया गया। चूंकि कुछ मदरसा शिक्षक जोश और तैयारी में नाश्ता भी ठीक ढंग से नहीं कर पाए थे इसलिए स्योहारा शाखा ने अपनी गाड़ी से उन्हें
बाहर ले जाकर कुछ खिलाया पिलाया। उसके बाद लगभग 11बजकर 30 मिनट का समय हो चला था और मदरसा शिक्षकों से हाल भरा हुआ था तब स्योहारा के ही अनवार अहमद ने मास्टर वारिस से कहा कि मुख्य अतिथि के आने में
अभी भले ही देर हो आपको कार्यक्रम शुरू कराना चाहिए क्योंकि 11बजे का समय निर्धारित था। ख़ैर प्रोग्राम शुरू हुआ तो अनेक वक्तागण अपना भाषण मुख्य अतिथि के सामने ही करना चाहते थे तब फिर स्योहारा के शिक्षकों में से तनवीर
अहमद चौधरी ने ही माइक पर आकर अपने बकाया मानदेय न मिलने और शिक्षकों की समस्याओं को पुनः दोहराया। इसके अलावा अनवार अहमद,मास्टर तैयबउज़्ज़मा, फरीद जमाल, नफीस अहमद, इफ्तिखार अहमद, लोकेश कुमार,
मौलाना नासिर, शौकीन अहमद,मास्टर उबैदउर रहमान, तनवीर चौधरी ने मुख्य द्वार पर खड़े होकर ही मोहम्मद वारिस साहब को स्पष्ट कहा कि मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक अपना मानदेय न मिलने से अत्यधिक परेशान और ग़मज़दा हैं
इसलिए अपनी मांगों को रखते समय और ज़िला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा किए जा रहे व्यवहार को प्रकट करने में थोड़ी भी झिझक या लागलपेट नहीं बरती जानी चाहिए। और फ़िर ऐसा ही हुआ। सम्मेलन में एक के बाद एक
आधुनिकीकरण वाले मदरसा शिक्षकों ने जब अपने मानदेय और सन 1993 से चल रही आधुनिकीकरण योजना के तहत मदरसों में पढ़ाने के बावजूद दयनीय दशा और कई वर्षों के बकाया मानदेय न मिलने की बातें कहीं तो सभी उफ़! उफ़!
करने लगे और मुख्य अतिथि को अपने बयान में यह कहने को मजबूर होना पड़ा कि आधुनिकीकरण मदरसा शिक्षकों के दुख और स्थिति को सही ढंग से भाजपा को समझाया नहीं जा सका। और भाजपा के लोग समझ नहीं सके,जिसके कारण
बद अच्छा बदनाम बुरा वाली कहावत के शिकार मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक भी हो गये। यहां हीरा बैंकट हॉल में ज़िले के सभी शहरों और ब्लॉकों से बड़ी संख्या में आए मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों में बड़ी संख्या महिला मदरसा शिक्षकों
की भी रही। चांदपुर से मैडम कायनात ज़ैदी भी सम्मेलन में पहुंचीं। मैडम फ़रहाना मौजूद रहीं। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष जावेद मलिक और मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ के
सदस्य डॉक्टर इमरान अहमद रहे। मेहमानों का स्वागत ज़ोर शोर से और मदरसा छात्राओं के स्वागत गीत “आप आए तो महकने लगी यह फिज़ा’। मरहबा मरहबा मोहतरम मरहबा मरहबा।” के साथ किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता मास्टर
अबरार अहमद एडवोकेट ने की। जबकि संचालन अफ़ज़ाल अहमद ने किया। आधुनिकीकरण वाले मदरसा शिक्षकों ने अपने मानदेय और सन 1993 से चल रही आधुनिकीकरण योजना के तहत मदरसों में पढ़ाने के बावजूद अपनी दयनीय
दशा और कई वर्षों के बकाया मानदेय न मिलने की बातें बयान कीं और बताया कि बार बार उनसे काग़ज़ात मांग कर और फार्मेट जमा करने के नाम पर मदरसा शिक्षकों को बिजनौर अल्पसंख्यक विभाग कार्यालय बुलाकर उनसे रिश्वत की
मांग करता है। तभी सरकार से आया पैसा शिक्षकों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है। वर्तमान में मदरसा शिक्षकों का हर तरह से शोषण किया जा रहा है। मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों का उत्पीड़न करने वाला ज़िला अल्पसंख्यक
कल्याण विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। ज़िला अध्यक्ष कमरुद्दीन अंसारी ने अपनी मांगों को रखते हुए मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों की तुरंत सेवा नियमावली बनाने,कई वर्षों का बकाया मानदेय दिलाने,मानदेय की धनराशि बढ़ाने
और प्रतिमाह समय से मिलना सुनिश्चित करने तथा मदरसा शिक्षकों का मानसिक, आर्थिक, सामाजिक, शारीरिक, शोषण और भ्रष्टाचार के स्रोत बंद करने की मांगों को बयान किया और इन्हीं पर आधारित मेमोरेंडम मुख्य अतिथि को पेश किया।
मुख्य अतिथि भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष जावेद मलिक ने मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों की योजना के लिए कांग्रेस और सपा की सरकारों को दोषी ठहराया। कहा कि मुसलमानों का सत्यानाश कांग्रेस ने
किया है। आज़म खां ने मुसलमानों को बेवकूफ बनाया है। इस योजना के बारे में भाजपा को सही ढंग से समझाया नहीं जा सका। अब हम नए तरीके से काम करेंगे। उन्होंने सबके सामने वादा किया कि ज़िला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
बिजनौर को मैं अच्छी तरह समझा दूंगा। आपकी सेवा नियमावली बनेगी और स्थाई करने पर भी ग़ौर किया जाएगा और वह मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों की बात सरकार तक अवश्य पहुंचाएंगे।
अंत में एक बार फिर स्योहारा मदरसा शिक्षकों ने अपने साहस और आत्मविश्वास व कुर्बानी का परिचय दिया और जब अन्य बहुत से शिक्षक जलपान की तरफ बढ़ चले थे तब स्योहारा मदरसा शिक्षकों ने तनवीर अहमद चौधरी के नेतृत्व में
मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ बिजनौर के ज़िला अध्यक्ष कमरुद्दीन अंसारी को मदरसा शिक्षकों की बात उठाने, प्रोग्राम करने और मुख्य अतिथियों को बुलाकर मदरसा शिक्षकों का दुख दर्द, समस्याओं को सुनाने के लिए न सिर्फ़
मुबारकबाद पेश की बल्कि उन्हें एक प्रतीक चिह्न देकर उनके गले में मालाएं पहनाकर उनके हौंसलों को अपना सलाम, अपना समर्थन और अपनी मुबारकबाद पेश कीं।

