इंफाल, 15 सितंबर (मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन के समक्ष गुरुवार को 13 उग्रवाियों
ने आत्म समर्पण कर दिया।
उग्रवादियाे ने प्रथम मणिपुर राइफल्स परिसर में हथियार डाले। उनमें से बारह प्रतिबंधित केसीपी
(पीडब्ल्यूजी) के कैडर हैं और जबकि एक प्रतिबंधित संगठन केवाईकेएल का कैडर है।
श्री बीरेन ने इस मौके पर कहा, “हम उन उग्रवादियों का स्वागत करते हैं, जिन्होंने क्रूरता का रास्ता
छोड़ दिया है। अब राज्य के विकास के लिए काम करने का समय आ गया है। पांच साल के भीतर
उग्रवाद की समस्या का समाधान किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि मणिपुर में 1960 के दशक से उग्रवाद से संबंधित समस्या रहा है। पिछले पांच वर्षों
में यहां उग्रवादियों की ओर से हमले कम हुए हैं। राज्य में कार्यरत केंद्र सरकार की एजेंसियों को
उग्रवाद की समस्या का सकारात्मक तरीके से समाधान करना चाहिए।
श्री बीरेन ने योजनाओं और रणनीतियों के आदान-प्रदान के माध्यम से इस मुद्दे से निपटने के लिए
राज्य और केंद्रीय सशस्त्र बलों के बीच संयुक्त प्रयासों के महत्व पर भी बात की और कहा कि कुछ
निहित स्वार्थी समूह जातीय-आधारित राजनीति खेलकर राज्य की खराब छवि बनाने की कोशिश कर
रहे हैं। उन्होंने जनता से देश के विकास के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किए गए आश्वासन को दोहराते हुए कहा कि उन
उग्रवादियों पर एक भी गोली नहीं चलाई जाएगी जो सामान्य जीवन में लौटना चाहते हैं और राष्ट्रीय
मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं। उनके खिलाफ तब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाएगी जब
तक कि वे एक जघन्य अपराध में शामिल न हों।
उन्होंने अन्य सभी विद्रोही समूहों से मुख्यधारा में वापस आने की अपील की।

