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गाजियाबाद, 17 सितंबर। सिद्धार्थ विहार के लोगों ने मूलभूत सुविधाओं को लेकर
शनिवार को आवास विकास परिषद के कार्यालय का घेराव किया। अधिकारियों की मनमानी के

खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का आरोप है कि सात साल बीत जाने के बाद भी यहां के लोग
सुविधाओं से वंचित हैं।

गंगा यमुना हिंडन अपार्टमेंट निवासी अभिषेक सिंह ने बताया कि करीब सात साल से यहां लोग रह
रहे हैं। लेकिन अभी तक भी आवास विकास परिषद ने जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई हैं। यहां

पर सड़कों के नाम पर सिर्फ गहरे गड्ढे हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बारिश होते ही
यहां की सड़कें तालाब बन जाती हैं। प्रतीक ग्रैंड सिटी निवासी एनके नेगी ने बताया कि बिल्डर ने

सिर्फ सोसाइटी के चार टावर का सीसी लिया है। जबकि 16 से ज्यादा टावर में लोग रह रहे हैं,
जिससे लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे हैं।

स्थानीय निवासी ज्ञानेन्द्र मिश्रा, जितेंद्र कुमार ने बताया कि जीवन भर की कमाई फ्लैट खरीदने में
खर्च कर दी। लेकिन स्थिति इतनी बदहाल है कि रिश्तेदार भी आने से मना कर देते हैं। जल्द ही

अगर सड़कों का मेंटीनेंस नहीं कराया गया तो फ्लैट बेच देंगे। वहीं, सड़कों की लाइट खराब पड़ी हुई
हैं। कई सेक्टर की सड़क ऐसी भी हैं, जहां अभी तक लाइट नहीं लगी हैं। इससे सिद्धार्थ विहार की

सड़कों पर शाम होते ही अंधेरा हो जाता है। इस अवसर पर यतेंद्र नागर, शिव मोहन तिवारी, प्रभाकर
यादव, आदित्य शुक्ला, रनजीत, आलोक वर्मा, सुनील,जय कुमार शर्मा, उमेश सिंह, राजेश, नीरज,

दीपांशु मित्तल, जितेंद्र पाठक, एनके नेगी, सुनील, भूपेंद्र, त्रिलोक सिंह, मनोज, विष्णु प्रकाश रावत,
प्रवीण इशारा, विपिन खारी आदि मौजूद रहे।

जमीन छोड़ी लेकिन नहीं बना पार्क:

गंगा-यमुना-हिंडन अपार्टमेंट के एओए अध्यक्ष यतेंद्र नागर ने बताया कि सिद्धार्थ विहार टाउनशिप में

पार्क के लिए खाली जमीन छोड़ी गई है लेकिन अभी तक भी पार्क विकसित नहीं किया गया है।
जल्द पार्क विकसित कराने की मांग की गई है।