Adityanath ने राजस्व मामलों के त्वरित निपटान का दिया निर्देश, त्योहारों को लेकर हाई अलर्ट का आदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी Adityanath ने राजस्व से जुड़े मामलों के त्वरित और समयबद्ध निपटारे के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आम लोगों से संबंधित राजस्व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनता को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और शिकायतों का निस्तारण पारदर्शी तरीके से किया जाए।
Adityanath ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को फील्ड स्तर पर निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तहसील और जिला स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा होनी चाहिए। भूमि विवाद, नामांतरण, सीमांकन और अन्य राजस्व संबंधी मामलों में अनावश्यक देरी से आम नागरिकों को परेशानी होती है, इसलिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा।
लंबित मामलों की नियमित समीक्षा पर जोर
योगी Adityanath ने कहा कि राजस्व मामलों के निपटारे में केवल कागजी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले। उन्होंने लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर उनकी नियमित समीक्षा करने और गंभीर मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
Adityanath ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व न्यायालयों और तहसीलों में मामलों की सुनवाई व्यवस्थित तरीके से हो। जहां किसी मामले में अनावश्यक देरी हो रही है, वहां जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने डिजिटल माध्यमों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया, ताकि रिकॉर्ड उपलब्ध कराने और मामलों की निगरानी में आसानी हो।
त्योहारों को लेकर हाई अलर्ट
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।
उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित गश्त और स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पहले से तैयारी पूरी रखी जाए।
सोशल मीडिया पर भी रहेगी नजर
Adityanath ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली भ्रामक या आपत्तिजनक सूचनाओं को लेकर भी सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में बिना सत्यापन के सूचना साझा करने से माहौल खराब हो सकता है। इसलिए पुलिस को सोशल मीडिया पर लगातार नजर रखने के साथ-साथ फर्जी खबरों और अफवाहों का तत्काल खंडन करने की व्यवस्था करनी चाहिए।
धार्मिक स्थलों और प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
त्योहारों के दौरान धार्मिक स्थलों, बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा योजना तैयार करनी चाहिए।
भीड़ प्रबंधन को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई। प्रमुख धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने का निर्देश
योगी Adityanath ने वरिष्ठ अधिकारियों से कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिलों में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा करें और स्थानीय लोगों तथा धार्मिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद बनाए रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय जरूरी है। स्थानीय स्तर पर होने वाली छोटी समस्याओं का समाधान समय रहते किया जाना चाहिए, ताकि वे बड़े विवाद का रूप न लें।
बिजली, सफाई और यातायात व्यवस्था पर भी फोकस
त्योहारों को देखते हुए Adityanath ने केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि नागरिक सुविधाओं को भी बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। नगर निकायों और संबंधित विभागों से सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करने और प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रबंधन बेहतर करने को कहा गया।
उन्होंने बिजली आपूर्ति को लेकर भी सतर्क रहने के निर्देश दिए, ताकि त्योहारों के दौरान किसी तरह की बड़ी समस्या सामने न आए। अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं को भी तैयार रखने पर जोर दिया गया।
जनता की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
Adityanath ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी ऐसी होनी चाहिए जिससे नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हो और असामाजिक तत्वों में कानून का भय बना रहे।
उन्होंने अधिकारियों को कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ-साथ निर्दोष नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाने की हिदायत भी दी।
राजस्व और कानून-व्यवस्था दोनों पर सरकार का फोकस
Adityanath के निर्देशों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार एक ओर आम जनता से जुड़े राजस्व मामलों को तेजी से हल करने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं चाहती।
राजस्व मामलों में समयबद्ध कार्रवाई और त्योहारों के दौरान हाई अलर्ट के निर्देशों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और सक्रिय बनाना है। अब अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि मुख्यमंत्री के निर्देशों को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू किया जाए और जनता को इसका सीधा लाभ मिले।

