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BJP राज्य इकाई में बड़ा फेरबदल: नितिन नबीन ने कई राज्यों में बदले संगठनात्मक चेहरे

नई दिल्ली। BJP ने संगठन के स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए कई राज्यों में नए संगठनात्मक महासचिव और संयुक्त महासचिव नियुक्त किए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में किए गए इन बदलावों को भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से सक्रिय करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। 24 सितंबर 2026 को जारी नियुक्तियों में अलग-अलग राज्यों के लिए संगठन महासचिव, संयुक्त महासचिव तथा अन्य संगठनात्मक जिम्मेदारियां तय की गईं। यह बदलाव राज्यों के प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति के ठीक एक दिन बाद हुआ।

कई राज्यों में बदले संगठन के प्रमुख चेहरे

BJP की ओर से की गई नियुक्तियों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और अन्य राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां बांटी गई हैं।

उत्तर प्रदेश में धर्मपाल को प्रदेश संगठन महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। मध्य प्रदेश में चंद्रशेखर को संगठन महासचिव बनाया गया है। वहीं उत्तराखंड के लिए फणींद्रनाथ शर्मा को यह जिम्मेदारी मिली है। दिल्ली और हरियाणा का संगठनात्मक दायित्व पवन राणा को सौंपा गया है। पंजाब और चंडीगढ़ में मंत्री श्रीनिवासुलु संगठन महासचिव की भूमिका निभाएंगे।

बिहार में भिखुभाई दलसानिया, झारखंड में पवन साईं, ओडिशा में मानस मोहंती और पश्चिम बंगाल में अमिताभ चक्रवर्ती को संगठन महासचिव नियुक्त किया गया है। असम और त्रिपुरा का दायित्व रवींद्र राजू को दिया गया है। छत्तीसगढ़ में कर्मवीर को संगठन महासचिव बनाया गया है।

Nitin Nabin sends BJP State unit into introspective mode - The Hindu

महाराष्ट्र और दक्षिण भारत पर भी विशेष ध्यान

महाराष्ट्र में अजय जामवाल को प्रदेश संगठन महासचिव नियुक्त किया गया है, जबकि सतीश धोंड को राज्य संयुक्त महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए भी संगठनात्मक स्तर पर बदलाव किए गए हैं। मधुकर को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का राज्य संगठन महासचिव बनाया गया है, जबकि तेलंगाना में दशरथ को संयुक्त महासचिव की जिम्मेदारी मिली है।

BJP ने राष्ट्रीय स्तर के संगठनात्मक ढांचे में भी जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास किया है। शिवप्रकाश को आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा के संगठनात्मक मामलों का दायित्व दिया गया है। उनका केंद्र मुंबई रहेगा। इसी तरह सौदान सिंह को बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के संगठनात्मक मामलों की जिम्मेदारी दी गई है और उनका केंद्र भुवनेश्वर होगा।

चुनावी राज्यों पर संगठन का फोकस

इन नियुक्तियों का समय महत्वपूर्ण है। BJP ने 23 सितंबर को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पार्टी प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की थी। इसके अगले दिन संगठन महासचिवों और अन्य पदाधिकारियों की घोषणा की गई। इस तरह पार्टी ने राज्य स्तर पर राजनीतिक प्रभार और संगठनात्मक प्रबंधन, दोनों स्तरों पर नई टीम तैयार की है

Who is Nitin Nabin? BJP appoints Bihar minister as new national working ...

2027 में कई महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब जैसे राज्यों में संगठनात्मक नियुक्तियां इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वहां आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी को बूथ स्तर तक अपने संगठन को सक्रिय रखना होगा। हालांकि इन नियुक्तियों से चुनावी परिणामों के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा; फिलहाल इतना स्पष्ट है कि पार्टी ने चुनावी चक्र से पहले संगठनात्मक जिम्मेदारियों को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया तेज की है।

उत्तर प्रदेश में धर्मपाल की वापसी

उत्तर प्रदेश की नियुक्ति विशेष रूप से चर्चा में है। BJP ने धर्मपाल को फिर से राज्य संगठन महासचिव की जिम्मेदारी दी है। संगठन महासचिव का पद पार्टी की आंतरिक कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पद राज्य इकाई, पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन के विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय में भूमिका निभाता है।

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, धर्मपाल उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक कार्य देखेंगे, जबकि राज्य के लिए अलग से प्रभारी और सह-प्रभारी भी नियुक्त किए जा चुके हैं। इस प्रकार राजनीतिक प्रभार और संगठनात्मक प्रबंधन के लिए अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।

खाली पड़े पदों को भी भरा गया

BJP के इस फेरबदल की एक विशेषता यह है कि कुछ राज्यों में लंबे समय से खाली संगठनात्मक पदों पर भी नियुक्तियां की गई हैं। हिंदुस्तान टाइम्स ने मध्य प्रदेश और गोवा सहित कुछ राज्यों में ऐसे पदों का उल्लेख किया है। मध्य प्रदेश में संगठन महासचिव का पद हितानंद शर्मा को हटाए जाने के बाद खाली था, जिसे अब चंद्रशेखर को दिया गया है। गोवा में भी संगठनात्मक पद लंबे समय से खाली था।

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पार्टी के संगठन में ‘संगठन महासचिव’ की भूमिका केवल प्रशासनिक नहीं होती। यह पद पार्टी के विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय, कार्यकर्ताओं से संवाद और संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी से जुड़ा होता है। हिंदुस्तान टाइम्स ने इसे भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच संगठनात्मक संवाद में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में वर्णित किया है।

24 नियुक्तियों से नई संगठनात्मक संरचना

24 सितंबर की घोषणा में केवल राज्य संगठन महासचिव ही नहीं, बल्कि संयुक्त महासचिव और अन्य संगठनात्मक पद भी शामिल हैं। इनमें राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) के रूप में शिवप्रकाश और सौदान सिंह को बहु-राज्यीय जिम्मेदारियां देना भी शामिल है। इसके अलावा वी. सतीश को अनुसूचित जाति/जनजाति मोर्चों और संसदीय कार्यालय से संबंधित जिम्मेदारी दी गई है, जबकि नागेंद्र को वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से संबंधित अभियान का दायित्व मिला है।

इससे संकेत मिलता है कि पार्टी ने केवल कुछ राज्यों में चेहरे बदलने के बजाय व्यापक संगठनात्मक पुनर्व्यवस्था की है। अलग-अलग राज्यों के लिए जिम्मेदारियां तय करने के साथ-साथ बहु-राज्यीय समन्वय की व्यवस्था भी की गई है।

नितिन नबीन के नेतृत्व में संगठन का पुनर्गठन

नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद BJP में संगठनात्मक स्तर पर कई बदलाव हुए हैं। अगस्त 2026 में राष्ट्रीय टीम में बदलाव और उसके बाद राज्यों के प्रभारी तथा सह-प्रभारियों की नियुक्ति के बाद अब संगठन महासचिवों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इंडिया टुडे के अनुसार, 23 सितंबर को भाजपा ने 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नई संगठनात्मक संरचना के तहत प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए थे।

इस पूरी प्रक्रिया को पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को अगले राजनीतिक चक्र के लिए तैयार करने के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि अलग-अलग नियुक्तियों के पीछे पार्टी के आधिकारिक तौर पर बताए गए उद्देश्यों और मीडिया में किए गए विश्लेषणों के बीच अंतर रखा जाना चाहिए। उपलब्ध आधिकारिक-सूचना आधारित रिपोर्टों में मुख्य रूप से नियुक्तियों और जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई है।

BJP का ताजा संगठनात्मक फेरबदल कई राज्यों में पार्टी के कामकाज को नई जिम्मेदारियों और नए चेहरों के साथ व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उत्तर प्रदेश में धर्मपाल, मध्य प्रदेश में चंद्रशेखर, महाराष्ट्र में अजय जामवाल, उत्तराखंड में फणींद्रनाथ शर्मा, बिहार में भिखुभाई दलसानिया, झारखंड में पवन साईं और पश्चिम बंगाल में अमिताभ चक्रवर्ती समेत कई नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।

इस फेरबदल का अगला चरण अब इन नेताओं के राज्य स्तर पर कामकाज और पार्टी संगठन के साथ उनके समन्वय में दिखाई देगा। आने वाले महीनों में इन नियुक्तियों के जरिए भाजपा किस तरह अपने राज्य संगठनों को सक्रिय करती है, यह उसके संगठनात्मक ढांचे की कार्यप्रणाली को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से इतना स्पष्ट है कि नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा ने राष्ट्रीय से लेकर राज्य स्तर तक संगठनात्मक जिम्मेदारियों का व्यापक पुनर्विन्यास शुरू किया है।

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