Delhi जंतर-मंतर पर आरक्षण विरोधी प्रदर्शन की अपील पर Delhi पुलिस की चेतावनी, 23 अगस्त की सभा को अनुमति नहीं
नई Delhi, 24 अगस्त 2026: Delhi पुलिस ने 23 अगस्त को जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधारों के मुद्दे को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन और सभा के संबंध में स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को इसके आयोजन की अनुमति नहीं दी गई थी। पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उन वीडियो और पोस्ट को भ्रामक बताया, जिनमें लोगों से जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की जा रही थी।
Delhi पुलिस की यह चेतावनी ऐसे समय सामने आई, जब आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और तथाकथित ‘आरक्षण सुधार’ के मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर कई संदेश तेजी से प्रसारित हो रहे थे। इन संदेशों में 23 अगस्त को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का दावा किया गया था। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे ऐसे अपुष्ट वीडियो या पोस्ट के आधार पर मौके पर एकत्र न हों और भ्रामक सामग्री को आगे साझा करने से बचें।
पुलिस ने अनुमति से किया इनकार
Delhi पुलिस ने अपने आधिकारिक स्पष्टीकरण में कहा कि 23 अगस्त को जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधारों के संबंध में किसी प्रदर्शन या सभा के लिए कोई अनुमति जारी नहीं की गई थी। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर इसके विपरीत दावे किए जा रहे थे, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती थी। अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए सार्वजनिक रूप से तथ्य स्पष्ट किए।
पुलिस ने यह भी कहा कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के संबंध में प्रसारित सामग्री को सत्यापित किए बिना उस पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे ऐसी सामग्री को न तो आगे बढ़ाएं और न ही उसके आधार पर किसी सभा में शामिल होने के लिए पहुंचें।
धारा 163 के तहत प्रतिबंध
Delhi ने बताया कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा पहले से लागू थी। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों की सभा, विरोध मार्च, जुलूस और प्रदर्शन जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध था। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस स्थिति में बिना अनुमति किसी सार्वजनिक प्रदर्शन या सभा का आयोजन कानून-व्यवस्था से जुड़ी कार्रवाई को आमंत्रित कर सकता है। धारा 163 BNSS को पुराने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 के स्थान पर लागू प्रावधान के रूप में जाना जाता है। दिल्ली पुलिस ने इसी कानूनी स्थिति का हवाला देते हुए लोगों को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सभा में शामिल न होने की सलाह दी।
भ्रामक जानकारी फैलाने पर कार्रवाई की चेतावनी
Delhi पुलिस ने केवल प्रदर्शन में शामिल होने से बचने की अपील ही नहीं की, बल्कि गलत या भ्रामक सूचना फैलाने वालों को भी चेतावनी दी। पुलिस के मुताबिक, ऐसे लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है जो फर्जी या भ्रामक जानकारी तैयार करते, प्रसारित करते या उसे आगे बढ़ाते पाए जाते हैं।
इस चेतावनी का एक महत्वपूर्ण पहलू सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं से जुड़ा है। पुलिस का कहना है कि किसी कार्यक्रम की अनुमति से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो या पोस्ट को अनुमति का प्रमाण मानना उचित नहीं है।
आरक्षण का मुद्दा बना विवाद का केंद्र
आरक्षण व्यवस्था भारत में लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय रही है। समर्थक पक्ष इसे ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को शिक्षा, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम मानता है। दूसरी ओर, आरक्षण व्यवस्था में बदलाव या इसके स्वरूप पर पुनर्विचार की मांग करने वाले समूह मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा की मांग करते रहे हैं।
अगस्त में Delhi में ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के नाम से भी प्रदर्शन हुए। 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच अनुमति को लेकर गतिरोध की स्थिति बनी थी। बाद में पुलिस ने प्रदर्शन को रामलीला मैदान में स्थानांतरित करने का विकल्प दिया और वहां सीमित संख्या में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी थी।
इसी पृष्ठभूमि में 23 अगस्त की सोशल मीडिया अपील ने पुलिस की चिंता बढ़ाई। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि 23 अगस्त को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सभा के लिए कोई अनुमति नहीं थी।
प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था की चुनौती
जंतर-मंतर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के लिए प्रमुख स्थानों में से एक है। यहां होने वाली सभाओं का सीधा असर मध्य दिल्ली की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों पर पड़ सकता है। इसलिए पुलिस किसी भी बड़े प्रदर्शन के लिए अनुमति, प्रतिभागियों की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखती है।
23 अगस्त को पुलिस की ओर से जारी चेतावनी का मुख्य उद्देश्य लोगों को बिना अनुमति वाले कार्यक्रम से दूर रखना और संभावित भीड़ को नियंत्रित करना था। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक रूप से पुष्टि की गई जानकारी पर विश्वास करें।
कुल मिलाकर, दिल्ली पुलिस का संदेश स्पष्ट था कि 23 अगस्त को जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधारों को लेकर किसी प्रदर्शन या सभा की अनुमति नहीं दी गई थी। सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों को पुलिस ने भ्रामक बताया और निषेधाज्ञा के बीच लोगों को वहां एकत्र होने से बचने की सलाह दी। साथ ही, फर्जी या भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देकर पुलिस ने यह संकेत दिया कि आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सार्वजनिक व्यवस्था और सूचना की विश्वसनीयता दोनों को लेकर प्रशासन सतर्क है।

