Delhi में UGC रोलबैक महापंचायत स्थगित, सरकार और करणी सेना के बीच बातचीत के बाद लिया गया फैसला
नई Delhi में 20 सितंबर 2026 को प्रस्तावित ‘UGC रोलबैक सवर्ण महापंचायत’ को सरकार और क्षत्रिय करणी सेना के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बाद स्थगित कर दिया गया है। यह महापंचायत दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाली थी। इसका आह्वान क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत और उनसे जुड़े संगठनों ने किया था। आयोजकों का मुख्य मुद्दा UGC Regulations, 2026 तथा आरक्षण से संबंधित नीतियों को लेकर उनकी आपत्तियां थीं।
Delhi जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से हुई बातचीत
महापंचायत स्थगित होने की जानकारी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने रविवार तड़के सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दी। उनके अनुसार, उन्होंने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ राज शेखावत और उनके प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। बैठक में प्रतिनिधिमंडल की ओर से उठाए गए मुद्दों पर चर्चा हुई और सरकार ने इन मांगों पर विचार करने की बात कही।
नड्डा के मुताबिक, सरकार और प्रतिनिधिमंडल के बीच अगले तीन सप्ताह के भीतर एक और बैठक होगी। बातचीत के बाद राज शेखावत और उनके प्रतिनिधिमंडल ने 20 सितंबर को प्रस्तावित महापंचायत को स्थगित करने का फैसला किया।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल था?
बैठक में राज शेखावत के साथ कई संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इनमें समृद्ध सनातन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शुभांशु सिंह राजपूत, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के आईटी सेल अध्यक्ष आर.के. सिंह, क्षत्रिय करणी सेना की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता संगीता सिंह और सवर्ण महापंचायत समिति के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता हिमांशु शर्मा शामिल थे। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भी बैठक में मौजूद रहे।
तीन सप्ताह का समय क्यों महत्वपूर्ण है?
Delhi राज शेखावत के अनुसार, सरकार ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों का विस्तृत और तर्कसंगत अध्ययन करने के लिए लगभग तीन सप्ताह का समय मांगा है। इसके बाद सरकार और प्रतिनिधिमंडल के बीच फिर से बातचीत होगी। शेखावत ने कहा कि UGC Regulations, 2026 से संबंधित कई बिंदुओं और कथित विसंगतियों पर पहले भी वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों तथा सरकारी प्रतिनिधियों के साथ चर्चा हुई है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि महापंचायत का स्थगन UGC Regulations, 2026 को वापस लेने की सरकारी घोषणा नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरकार ने आयोजकों की आपत्तियों पर विचार करने और आगे बातचीत करने की बात कही है। इसलिए फिलहाल इसे बातचीत की प्रक्रिया के रूप में देखा जा सकता है, न कि नियमों में बदलाव या रोलबैक के अंतिम निर्णय के रूप में।
आयोजकों की प्रतिक्रिया
राज शेखावत ने महापंचायत स्थगित करने के फैसले को अपने आंदोलन के प्रयासों के बाद सरकार के साथ बातचीत शुरू होने से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मुद्दों की समीक्षा के लिए समय मांगा गया है और आगे की बैठक में इन विषयों पर चर्चा जारी रहेगी। साथ ही उन्होंने 20 सितंबर को होने वाली महापंचायत को अगली सूचना तक स्थगित करने की घोषणा की।
इस घटनाक्रम से फिलहाल इतना स्पष्ट है कि UGC Regulations, 2026 और आरक्षण नीति से जुड़े मुद्दों पर सरकार तथा आयोजकों के बीच बातचीत का एक नया दौर शुरू हुआ है। अगले तीन सप्ताह में प्रस्तावित बैठक इस मामले की आगे की दिशा के लिए महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि सरकार नियमों में क्या बदलाव करेगी या आयोजकों की सभी मांगों को स्वीकार करेगी।

