Hyderabad के टेक्नीशियन की 42-किमी मैराथन पूरी करने के कुछ ही मिनटों बाद मौत, मेडल लेकर नाश्ते के लिए जा रहे थे गोपी
हैदराबाद से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां 42.2 किलोमीटर की फुल मैराथन सफलतापूर्वक पूरी करने और फिनिशर मेडल हासिल करने के कुछ ही मिनटों बाद 36 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई। मृतक की पहचान कोम्मिनेनी गोपी (Kommineni Gopi) के रूप में हुई है। वह आईटी कंपनी IBM में काम करते थे और हैदराबाद के मणिकोंडा स्थित अलकापुर कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहते थे।
यह घटना 1 नवंबर 2026 की सुबह गच्चीबाउली स्टेडियम में आयोजित हैदराबाद हाई-टेक फुल मैराथन के दौरान हुई। गोपी ने पूरे उत्साह के साथ दौड़ में हिस्सा लिया और 42.2 किलोमीटर की कठिन दूरी पूरी करने में सफल रहे। उन्होंने आयोजकों से अपना फिनिशर मेडल भी प्राप्त किया। लेकिन इस उपलब्धि की खुशी कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गई। मेडल लेने के बाद जब वह नाश्ते के लिए जा रहे थे, तभी अचानक जमीन पर गिर पड़े।
आयोजकों ने तत्काल उनकी मदद की और CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश की। इसके बाद उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने सुबह करीब 8 बजकर 45 मिनट पर मृत घोषित कर दिया। पुलिस की शुरुआती जांच में हार्ट अटैक की आशंका जताई गई है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
मैराथन पूरी की, मेडल लिया और अचानक गिर पड़े
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कोम्मिनेनी गोपी रविवार सुबह आयोजित हैदराबाद हाई-टेक फुल मैराथन के आठवें संस्करण में शामिल हुए थे। इस आयोजन का संचालन NEB Sports की ओर से किया गया था। गोपी ने फुल मैराथन की निर्धारित 42.2 किलोमीटर दूरी सफलतापूर्वक पूरी की।
दौड़ पूरी करने के बाद उन्होंने फिनिश लाइन पार की और अपना मेडल प्राप्त किया। उस समय तक सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था। इसके बाद वह आयोजन स्थल पर बनाए गए नाश्ते के क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश होकर गिर पड़े।
घटना को देखकर वहां मौजूद आयोजकों और दूस
रे प्रतिभागियों में अफरा-तफरी मच गई। आयोजन टीम ने तुरंत उनकी सहायता शुरू की। उन्हें CPR दिया गया और बिना देर किए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई।
हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिस आयोजन में गोपी ने अपनी मेहनत और फिटनेस के दम पर 42 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की थी, उसी आयोजन का अंत उनके परिवार के लिए जिंदगी भर का दुख बन गया।
कौन थे कोम्मिनेनी गोपी?
कोम्मिनेनी गोपी हैदराबाद में रहने वाले 36 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। वह प्रतिष्ठित आईटी कंपनी IBM में कार्यरत थे। उनका मूल संबंध तेलंगाना के खम्मम जिले के रविनुथला गांव से बताया गया है।
गोपी मणिकोंडा की अलकापुर कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन साल का एक बच्चा है।
परिवार और दोस्तों के अनुसार, गोपी केवल एक आईटी प्रोफेशनल नहीं थे, बल्कि फिटनेस को लेकर भी काफी उत्साही थे। उन्हें दौड़ने और मैराथन जैसी चुनौतीपूर्ण गतिविधियों में हिस्सा लेना पसंद था। वह नियमित रूप से फिटनेस से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेते थे।
उनके परिचितों के लिए यह घटना बेहद चौंकाने वाली है, क्योंकि गोपी ने मैराथन पूरी भी कर ली थी और मेडल भी हासिल कर लिया था। किसी ने कल्पना नहीं की थी कि कुछ ही मिनटों बाद ऐसी दुखद घटना हो जाएगी।
आयोजकों ने CPR दिया, अस्पताल पहुंचाया लेकिन नहीं बची जान
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गोपी के अचानक गिरने के बाद आयोजन टीम ने तत्काल प्रतिक्रिया दी। उन्हें CPR दिया गया और फिर नजदीकी CARE अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। सुबह लगभग 8:45 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
गच्चीबाउली पुलिस के अनुसार, शुरुआती जानकारी में कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक की आशंका सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने मौत के सटीक कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की।
इस मामले में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अभी तक किसी पूर्व हृदय रोग या अन्य गंभीर बीमारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए उनकी मृत्यु को किसी खास बीमारी या मैराथन के सीधे प्रभाव से जोड़ना उचित नहीं होगा।
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