Ravneet सिंह बिट्टू ने केंद्रीय मंत्री पद से दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया
नई दिल्ली: केंद्र सरकार में रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री रहे Ravneet सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में इस निर्णय की पुष्टि की गई है।
Ravneet सिंह बिट्टू का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पंजाब की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। हालांकि सरकार या स्वयं बिट्टू की ओर से इस्तीफे का कोई विस्तृत आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राष्ट्रपति भवन ने जारी किया आधिकारिक बयान
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत रवनीत सिंह बिट्टू का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इस संक्षिप्त आधिकारिक सूचना में इस्तीफे का कारण नहीं बताया गया।
रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय में निभाई जिम्मेदारी
Ravneet सिंह बिट्टू केंद्र सरकार में रेल मंत्रालय तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने रेलवे परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी निभाई।
उनके इस्तीफे के बाद फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उनके विभागों का अतिरिक्त प्रभार किसे सौंपा जाएगा या सरकार निकट भविष्य में मंत्रिमंडल में कोई फेरबदल करेगी।
पंजाब की राजनीति में प्रमुख चेहरा
Ravneet सिंह बिट्टू पंजाब की राजनीति का जाना-पहचाना नाम हैं। वे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं और लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया था, जिसके बाद उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया।
भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने पंजाब में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और चुनावी रणनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।
राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद इस्तीफा
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो गया था। माना जा रहा है कि इसी संवैधानिक और राजनीतिक परिस्थिति के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।
सोशल मीडिया पर जताया आभार
इस्तीफा स्वीकार होने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें केंद्र सरकार में देश की सेवा करने का अवसर मिला, जिसके लिए वे स्वयं को सम्मानित महसूस करते हैं।
उन्होंने अपने संदेश में यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में जनता की सेवा उनकी प्राथमिकता बनी रहेगी।
राजनीतिक अटकलें तेज
इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी को देखते हुए संगठनात्मक स्तर पर बदलाव कर सकती है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि Ravneet सिंह बिट्टू को पंजाब में पार्टी की जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं ताकि वे आगामी चुनावों की तैयारियों पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें। हालांकि भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
पंजाब पर रहेगा फोकस
विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक राज्य है, जहां पार्टी अपनी संगठनात्मक स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही है। ऐसे में बिट्टू जैसे नेता की सक्रिय भूमिका विधानसभा चुनावों की रणनीति में अहम मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यदि उन्हें संगठन में नई जिम्मेदारी मिलती है तो वे पार्टी के विस्तार और चुनावी अभियान में प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं।
सरकार की ओर से नहीं हुई नई नियुक्ति
राष्ट्रपति द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद भी केंद्र सरकार ने अभी तक उनके स्थान पर किसी नए राज्य मंत्री की नियुक्ति की घोषणा नहीं की है। यह संभावना जताई जा रही है कि भविष्य में होने वाले किसी मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल के दौरान इस रिक्त स्थान को भरा जा सकता है।

