Samajwadi पार्टी ने रिलायंस के वरिष्ठ कार्यकारी धनराज परिमल नाथवानी को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार, अचानक फैसले से बढ़ी राजनीतिक हलचल
लखनऊ: Samajwadi पार्टी (सपा) ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता प्रोफेसर राम गोपाल यादव के साथ रिलायंस समूह से जुड़े वरिष्ठ कॉरपोरेट अधिकारी और खेल प्रशासक धनराज परिमल नाथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। नाथवानी का नाम सामने आने को इसलिए अप्रत्याशित माना जा रहा है क्योंकि उनका अब तक का प्रमुख सार्वजनिक परिचय राजनीति के बजाय कॉरपोरेट प्रबंधन, खेल प्रशासन और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। चुनाव आयोग ने 22 सितंबर को चुनाव कार्यक्रम घोषित किया था। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होना है। ऐसे में सपा द्वारा अपने उम्मीदवारों की घोषणा को राज्य में आगामी राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
धनराज नाथवानी का नाम क्यों रहा चर्चा में?
Samajwadi अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उम्मीदवारों की घोषणा से पहले संकेत दिया था कि पार्टी की ओर से राज्यसभा के लिए एक ‘सरप्राइज’ नाम सामने आ सकता है। 30 सितंबर को पार्टी ने धनराज नाथवानी के नाम की घोषणा की और इसके साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि अखिलेश यादव का संकेत किस ओर था। नाथवानी ने उसी दिन राम गोपाल यादव के साथ लखनऊ में नामांकन दाखिल किया।
नाथवानी का चयन पार्टी की पारंपरिक राजनीतिक पृष्ठभूमि से अलग दिखाई देता है। राम गोपाल यादव लंबे समय से सपा के प्रमुख संगठनात्मक और संसदीय चेहरों में रहे हैं, जबकि नाथवानी का करियर मुख्य रूप से उद्योग और खेल प्रशासन में रहा है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने उनके चयन को कारोबारी क्षेत्र से जुड़ाव बढ़ाने और नए दृष्टिकोण को शामिल करने की दिशा में देखा है।
रिलायंस समूह में लंबा अनुभव
धनराज नाथवानी रिलायंस समूह से दो दशक से अधिक समय से जुड़े हुए हैं। वे समूह में वरिष्ठ प्रबंधन की जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं और वर्तमान में रिलायंस कॉरपोरेट आईटी पार्क लिमिटेड के निदेशक भी हैं। उनके कार्यक्षेत्र में कॉरपोरेट मामलों, वित्त, खरीद, मानव संसाधन और कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी जैसे क्षेत्र शामिल रहे हैं। उन्होंने गुजरात में रिलायंस के विभिन्न कारोबारों और परिचालनों में भी जिम्मेदारियां निभाई हैं
रिपोर्टों के मुताबिक, उनके अनुभव में जामनगर स्थित रिलायंस की प्रमुख औद्योगिक गतिविधियां भी शामिल रही हैं। इसके अलावा वे समूह की इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में उन्हें रिलायंस समूह का ग्रुप प्रेसिडेंट भी बताया गया है।
खेल प्रशासन में भी सक्रिय
Samajwadi धनराज नाथवानी केवल कॉरपोरेट क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे हैं। नवंबर 2022 में उन्हें गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) का अध्यक्ष चुना गया था। इससे पहले वे संगठन में उपाध्यक्ष की भूमिका निभा चुके थे। वे अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम के विकास से जुड़ी गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं। इसके अलावा वे गुजरात स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
उनकी सार्वजनिक गतिविधियों में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कार्य भी शामिल रहे हैं। उन्होंने गुजरात इकोलॉजिकल एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन और गुजरात स्टेट बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ से जुड़ी भूमिकाएं भी निभाई हैं। इस तरह उनका सार्वजनिक प्रोफाइल उद्योग, खेल, पर्यावरण और सामाजिक क्षेत्र तक फैला हुआ है।
राजनीतिक परिवार से भी संबंध
धनराज नाथवानी के राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश का एक महत्वपूर्ण पहलू उनका पारिवारिक राजनीतिक संबंध भी है। उनके पिता परिमल नाथवानी लंबे समय से राज्यसभा सदस्य हैं और वर्तमान में झारखंड का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वे रिलायंस इंडस्ट्रीज से भी जुड़े रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, परिमल नाथवानी 2008 से उच्च सदन के सदस्य रहे हैं और इससे पहले झारखंड तथा आंध्र प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
धनराज नाथवानी ने लंदन के रीजेंट बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई की है। उनके कॉरपोरेट करियर का बड़ा हिस्सा रिलायंस समूह में बीता है। अब राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में उनका नाम सामने आने के साथ उनका पेशेवर अनुभव सीधे संसदीय राजनीति के क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है।
सपा की रणनीति पर चर्चा
नाथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सपा की राजनीतिक रणनीति को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पार्टी के एक उम्मीदवार के रूप में अनुभवी नेता राम गोपाल यादव हैं, जबकि दूसरे उम्मीदवार का प्रोफाइल कॉरपोरेट और खेल प्रशासन से जुड़ा है। इससे दोनों नामों की पृष्ठभूमि में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। हालांकि, पार्टी के इस फैसले के पीछे व्यापक रणनीतिक उद्देश्य क्या हैं, इस पर अलग-अलग राजनीतिक विश्लेषण सामने आ सकते हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी उम्मीदवार के चयन के पीछे राजनीतिक दल की वास्तविक प्राथमिकताओं के बारे में निष्कर्ष निकालने के लिए पार्टी के आधिकारिक बयानों और आगे की राजनीतिक गतिविधियों को देखना आवश्यक होगा। अभी उपलब्ध जानकारी में अखिलेश यादव और सपा ने नाथवानी को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है, लेकिन इसके सभी राजनीतिक नाथवानी और राम गोपाल यादव ने 30 सितंबर को नामांकन दाखिल किया। सपा के इस कदम से उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। उद्देश्यों का आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।
आगे की प्रक्रिया
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है और उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है। नाथवानी और राम गोपाल यादव ने 30 सितंबर को नामांकन दाखिल किया। सपा के इस कदम से उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
धनराज नाथवानी के लिए यह उनके सार्वजनिक जीवन का एक नया चरण है। उन्होंने स्वयं अपने नामांकन के बाद इसे सार्वजनिक जीवन का “नया चरण” बताया। अब उनकी कॉरपोरेट और खेल प्रशासन की पृष्ठभूमि के साथ राजनीतिक भूमिका Samajwadi किस रूप में विकसित होती है, यह राज्यसभा में उनके संभावित कार्य और सार्वजनिक बयानों से स्पष्ट होगा।

