UDF ने कोझीकोड के कुट्टिछिरा वार्ड को रखा अपने पास, लेकिन वोटों का अंतर 2,273 से घटकर 436 हुआ
केरल के कोझीकोड कॉरपोरेशन के कुट्टिछिरा वार्ड में हुए उपचुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने अपनी सीट बरकरार रखी है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की उम्मीदवार फर्सीना अरक्कल ने लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की टी.टी. जमशीना को 436 वोटों के अंतर से हराया। हालांकि, इस जीत के साथ एक महत्वपूर्ण आंकड़ा यह भी सामने आया कि 2025 के स्थानीय निकाय चुनाव में इसी वार्ड में UDF की जीत का अंतर 2,273 वोट था। यानी एक साल के भीतर जीत का अंतर काफी कम हुआ है।
2025 में फातिमा तहलिया की बड़ी जीत
कुट्टिछिरा वार्ड संख्या 59 में दिसंबर 2025 के स्थानीय निकाय चुनाव में UDF की ओर से IUML उम्मीदवार एडवोकेट फातिमा तहलिया ने जीत दर्ज की थी। केरल राज्य निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, तहलिया को 3,740 वोट मिले थे और उनकी जीत का अंतर 2,273 वोट रहा था। उस चुनाव में कुल वैध मतों की संख्या 5,603 थी।
तहलिया बाद में पेराम्ब्रा विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुईं। इसके बाद कुट्टिछिरा वार्ड का पद खाली हुआ और उपचुनाव कराना पड़ा। उपचुनाव में UDF ने फर्सीना अरक्कल को मैदान में उतारा, जबकि LDF की ओर से इंडियन नेशनल लीग की टी.टी. जमशीना और NDA की ओर से भाजपा की जीजा के. उम्मीदवार थीं।
उपचुनाव में 436 वोट की बढ़त
29 सितंबर 2026 को घोषित परिणाम में फर्सीना अरक्कल विजयी रहीं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्हें 2,681 वोट मिले, जबकि टी.टी. जमशीना को 2,275 और भाजपा उम्मीदवार जीजा के. को 204 वोट मिले। इस तरह UDF उम्मीदवार की जीत का अंतर 406 वोट बनता है, लेकिन कई ताजा समाचार रिपोर्टों ने जीत का अंतर 436 वोट दर्ज किया है।
यहां आंकड़ों में मौजूद इस अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है। कुछ रिपोर्टों में फर्सीना के 2,711 वोट और जमशीना के 2,275 वोट बताए गए हैं, जिससे 436 वोट का अंतर निकलता है, जबकि अन्य रिपोर्टों में फर्सीना के 2,681 वोट दर्ज हैं। इसलिए अंतिम आधिकारिक उपचुनाव परिणाम उपलब्ध होने पर निर्वाचन आयोग के आंकड़े को प्राथमिक आधार माना जाना चाहिए।
मतदान में भी गिरावट
कुट्टिछिरा उपचुनाव में मतदान प्रतिशत भी चर्चा का विषय रहा। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, वार्ड में करीब 9,712 मतदाता थे और मतदान प्रतिशत 2025 की तुलना में कम रहा। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बार मतदान लगभग 54 प्रतिशत रहा, जबकि 2025 में यह करीब 58 प्रतिशत था। दूसरी रिपोर्ट ने उपचुनाव में 56.22 प्रतिशत मतदान दर्ज किया है। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़े अलग होने के कारण अंतिम मतदान प्रतिशत के लिए आधिकारिक चुनावी आंकड़े को संदर्भित करना उचित होगा।
कम मतदान को लेकर स्थानीय राजनीतिक दलों ने अलग-अलग दावे किए हैं। IUML के जिला नेताओं ने चुनाव प्रचार से जुड़े कुछ आरोप लगाए हैं, जबकि अन्य रिपोर्टों में मतदान में कमी को परिणाम के संदर्भ में चर्चा का विषय बनाया गया है। इन दावों को संबंधित दलों के बयानों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
LDF की चुनौती बरकरार
2026 के उपचुनाव में LDF कुट्टिछिरा सीट जीतने में सफल नहीं रहा, लेकिन उसके उम्मीदवार ने UDF के जीत के अंतर को काफी सीमित कर दिया। 2025 में UDF उम्मीदवार 2,273 वोट से जीती थीं, जबकि उपचुनाव में अंतर सैकड़ों वोटों तक सिमट गया। इस लिहाज से चुनाव परिणाम में सीट का नियंत्रण तो नहीं बदला, लेकिन दोनों चुनावों के बीच वोट अंतर में स्पष्ट बदलाव दिखाई देता है।
NDA की मौजूदगी भी चुनाव में रही। उपलब्ध परिणामों के अनुसार भाजपा उम्मीदवार को 204 वोट मिले। इससे मुकाबला मुख्य रूप से UDF और LDF के बीच रहा, जबकि NDA उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे।
उपचुनाव का व्यापक संदर्भ
कुट्टिछिरा का परिणाम केरल में हुए स्थानीय निकाय उपचुनावों के व्यापक परिणामों का हिस्सा है। 29 सितंबर 2026 को घोषित परिणामों में UDF ने कुट्टिछिरा के अलावा कोच्चि कॉरपोरेशन के अय्यप्पनकावु वार्ड को भी बरकरार रखा। दूसरी ओर, इडुक्की के मट्टम पंचायत के नौवें वार्ड में UDF ने LDF से सीट हासिल की। कुछ अन्य वार्डों में LDF ने अपनी सीटें बरकरार रखीं।
कुट्टिछिरा में UDF की सीट बरकरार रहना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उपचुनाव मौजूदा पार्षद फातिमा तहलिया के विधायक चुने जाने के बाद हुआ था। UDF ने उनकी जगह फर्सीना अरक्कल को उम्मीदवार बनाया और सीट अपने पास रखी। हालांकि, 2025 के मुकाबले जीत का अंतर घटने से दोनों प्रमुख मोर्चों के बीच वार्ड में बदले हुए चुनावी आंकड़ों पर ध्यान गया है।
कुल मिलाकर, कुट्टिछिरा उपचुनाव का सीधा परिणाम UDF के पक्ष में रहा—उसने वार्ड पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। साथ ही, 2025 और 2026 के परिणामों की तुलना करने पर जीत के अंतर में बड़ा बदलाव दर्ज होता है। 2025 में फातिमा तहलिया की 2,273 वोट की बढ़त के मुकाबले 2026 में फर्सीना अरक्कल की बढ़त 436 वोट बताई गई है। यह अंतर वार्ड में हुए चुनावी बदलाव को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण आंकड़ा है, जबकि इसके कारणों पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और स्थानीय विश्लेषकों के अपने-अपने मत हो सकते हैं।

