Rajasthan स्थानीय निकाय चुनाव 2026 रिजल्ट LIVE: 309 निकायों में मतगणना जारी, BJP बढ़त पर; कांग्रेस दे रही कड़ी टक्कर
Rajasthan के शहरी निकाय चुनाव 2026 के नतीजों का इंतजार खत्म हो गया है। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के लिए मतगणना 14 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे शुरू हुई। इन चुनावों में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के हजारों वार्डों के लिए डाले गए वोटों की गिनती की जा रही है। शुरुआती रुझानों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बढ़त बनाई है, जबकि कांग्रेस कई क्षेत्रों में कड़ी चुनौती दे रही है।
Rajasthan के इन निकाय चुनावों को 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों के लिए अहम राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। खासकर जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, बीकानेर और भरतपुर जैसे बड़े शहरी केंद्रों के परिणामों पर राजनीतिक दलों और आम लोगों की नजर है।
309 निकायों में हुआ था चुनाव
राज्य में कुल 309 शहरी स्थानीय निकायों के लिए चुनाव दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को कराए गए थे। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार कुल 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव होना था। इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाएं शामिल थीं।
मतदान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपने स्थानीय प्रतिनिधियों को चुनने के लिए वोट डाला। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक दोनों चरणों को मिलाकर मतदान प्रतिशत करीब 73.56 फीसदी रहा, जो पिछले नगरीय निकाय चुनावों की तुलना में अधिक बताया गया है।
कुछ सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध भी चुने गए थे, इसलिए बाकी सीटों पर पड़े मतों की गिनती आज की जा रही है। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और अलग-अलग निकायों में राउंडवार परिणाम सामने आ रहे हैं।
शुरुआती रुझानों में BJP आगे
मतगणना शुरू होने के बाद सामने आए शुरुआती रुझानों में BJP ने कांग्रेस के मुकाबले बढ़त बनाई। दोपहर तक उपलब्ध आंकड़ों में भी भाजपा कई वार्डों में आगे रही। बाद के अपडेट में भाजपा ने 4,171 से अधिक वार्डों में जीत दर्ज कर ली थी, जबकि कांग्रेस करीब 3,597 वार्डों पर पहुंची थी। हालांकि कुछ वार्डों में मतगणना जारी रहने के कारण आंकड़ों में बदलाव संभव है।
बड़े नगर निगमों की तस्वीर भी काफी दिलचस्प रही है। उदयपुर में BJP ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि भीलवाड़ा और कोटा में भी भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, बीकानेर में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए नगर निगम पर अपनी पकड़ मजबूत की।
Rajasthan और अलवर में भाजपा ने कांग्रेस पर बढ़त बनाई, जबकि अजमेर और पाली में कांग्रेस का प्रदर्शन मजबूत रहा। जोधपुर में मुकाबला बेहद करीबी रहा, जहां BJP और कांग्रेस दोनों ने 44-44 वार्ड जीते और 10 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गईं।
निर्दलीय उम्मीदवार भी अहम
Rajasthan के निकाय चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण दिखाई दे रही है। कई नगर निकायों में BJP या कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
भरतपुर इसका बड़ा उदाहरण है। यहां निर्दलीय उम्मीदवारों ने 65 में से 36 वार्डों में जीत या बढ़त हासिल की, जबकि भाजपा 20 और कांग्रेस सिर्फ 7 वार्डों तक पहुंच सकी। ऐसे में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षदों का समर्थन बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।
बारां नगर परिषद में आम आदमी पार्टी ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। वहां AAP ने 60 में से 31 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, जबकि कांग्रेस को 18 और भाजपा को 9 सीटें मिलीं। यह परिणाम राजस्थान की स्थानीय राजनीति में क्षेत्रीय और छोटे दलों की मौजूदगी को भी दर्शाता है।
बड़े शहरों में किसका दबदबा?
Rajasthan निकाय चुनावों में जयपुर सबसे महत्वपूर्ण मुकाबलों में से एक है। राजधानी के नगर निगम के 150 वार्डों के परिणाम पर पूरे प्रदेश की नजर रही। शुरुआती आंकड़ों में भाजपा ने कांग्रेस पर बढ़त बनाई। इसी तरह कोटा और उदयपुर में भाजपा का प्रदर्शन मजबूत रहा।
दूसरी तरफ बीकानेर में कांग्रेस ने जीत हासिल कर भाजपा को झटका दिया। जोधपुर में दोनों प्रमुख दलों के बीच कांटे का मुकाबला रहा, जबकि अजमेर और पाली में कांग्रेस ने अपनी स्थिति मजबूत की। इसका मतलब है कि पूरे राजस्थान में परिणाम एकतरफा नहीं रहे और स्थानीय स्तर पर अलग-अलग क्षेत्रों में मतदाताओं ने अलग राजनीतिक संदेश दिया है।
2028 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक संकेत
इन परिणामों का महत्व केवल नगर निकायों तक सीमित नहीं है। राजस्थान में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना है। ऐसे में निकाय चुनावों के परिणाम भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए संगठनात्मक ताकत और शहरी मतदाताओं के रुझान का संकेत माने जा रहे हैं।
भाजपा के लिए निकाय चुनावों में बढ़त राज्य सरकार के पक्ष में सकारात्मक संदेश के रूप में देखी जा सकती है। वहीं कांग्रेस के लिए कई प्रमुख शहरों में मजबूत प्रदर्शन यह संकेत देता है कि पार्टी अभी भी शहरी क्षेत्रों में मुकाबले से बाहर नहीं है।
हालांकि निकाय चुनावों के परिणामों को सीधे विधानसभा चुनाव का पूर्वानुमान मानना उचित नहीं होगा। स्थानीय उम्मीदवार, वार्ड स्तर के समीकरण, जातीय और क्षेत्रीय समीकरण तथा निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रभाव नगर निकाय चुनावों में काफी महत्वपूर्ण होता है।
अब आगे क्या होगा?
आज की मतगणना के बाद वार्डवार परिणाम सामने आएंगे और उसके बाद नगर निकायों में बोर्ड गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। नगर निकायों के अध्यक्ष, महापौर और अन्य प्रमुख पदों के चुनाव 21 सितंबर को निर्धारित हैं, जबकि उपमहापौर, उपाध्यक्ष और अन्य पदों की प्रक्रिया 22 सितंबर को होने वाली बैठकों में आगे बढ़ेगी।
इसलिए आज घोषित होने वाले पार्षदों के परिणाम के बाद भी राजनीतिक गतिविधियां जारी रहेंगी। जिन निकायों में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, वहां निर्दलीय और अन्य दलों के पार्षदों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
Rajasthan स्थानीय निकाय चुनाव 2026 का ताजा अपडेट यही है कि मतगणना जारी है और शुरुआती तस्वीर में BJP सबसे आगे दिखाई दे रही है, जबकि कांग्रेस कई जगह मजबूत चुनौती दे रही है। अंतिम तस्वीर सभी वार्डों के परिणाम घोषित होने और बोर्ड गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

