BJP पश्चिम बंगाल उपचुनाव: नंदीग्राम से भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत सहयोगी की मां को बनाया उम्मीदवार
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर नंदीग्राम का हाई-प्रोफाइल मैदान चुनावी हलचल से गरमा उठा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की दो महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों—नंदीग्राम (पूर्वी मेदिनीपुर) और रेजीनगर (मुर्शिदाबाद)—पर होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पार्टी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की मां हैं। वहीं, मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर सीट से भाजपा ने पूर्व जिलाध्यक्ष और राज्य सचिव सखाराव सरकार पर दांव खेला है।
इन दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और मतगणना 9 अक्टूबर को की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर तय की गई है।
भावुक दांव और राजनीतिक पृष्ठभूमि
नंदीग्राम से हसीरानी रथ का चयन भाजपा की सोची-समझी रणनीति और एक भावनात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। मई 2026 में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के ठीक दो दिन बाद उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है।
हसीरानी रथ कोई राजनीतिक नवागंतुक नहीं हैं; वह स्वयं 1998 से जमीनी राजनीति में सक्रिय रही हैं और पांच बार पंचायत तथा पंचायत समिति की सदस्य चुनी जा चुकी हैं। अपने नामांकन से पूर्व उन्होंने नंदीग्राम के ऐतिहासिक सिद्धेश्वर शिव मंदिर और जानकीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की उपस्थिति में हल्दिया उप-मंडल कार्यालय पहुंचकर विशाल जुलूस के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
BJP नंदीग्राम और रेजीनगर में क्यों हो रहे हैं उपचुनाव?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और कोलकाता की भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। संवैधानिक नियमों के तहत दो सीटों पर जीत के बाद एक सीट छोड़ना अनिवार्य था, जिसके चलते शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट को बरकरार रखा और नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया, जिससे यहां उपचुनाव की स्थिति उत्पन्न हुई।
दूसरी ओर, मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट आम जनता विकास पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर द्वारा खाली की गई थी। कबीर ने रेजीनगर और नौदा दोनों क्षेत्रों से चुनाव जीता था और बाद में नौदा सीट को अपने पास रखते हुए रेजीनगर से इस्तीफा दे दिया था।
BJP बहुकोणीय मुकाबला और राजनीतिक समीकरण
नंदीग्राम का यह उपचुनाव कई मायनों में दिलचस्प हो चुका है, क्योंकि राज्य की प्रमुख पार्टियां आमने-सामने खड़ी हैं:
तृणमूल कांग्रेस (TMC – ममता बनर्जी गुट): टीएमसी ने नंदीग्राम से पूर्व शिक्षिका संचिता प्रधान (डे) को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं रेजीनगर से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को टिकट दिया गया है।
टीएमसी बागी गुट (ऋतब्रत बनर्जी गुट): तृणमूल के बागी गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउज्जमां शेख को मैदान में उतारकर मुकाबले को और उलझा दिया है।
कांग्रेस और वाम मोर्चा: कांग्रेस की ओर से नंदीग्राम से मिलन प्रधान और रेजीनगर से मोहम्मद अब्दुल्ला हिल काफी चुनाव लड़ रहे हैं।
नंदीग्राम में भाजपा अपनी बढ़त को कायम रखने के प्रति आश्वस्त है, जबकि रेजीनगर में मुख्य रूप से अल्पसंख्यक मतों के विभाजन और बहुकोणीय लड़ाई पर सभी दलों की नजर टिकी हुई है।

