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ECI ने मतदाता सूचियों को अपडेट करने के लिए 17 राज्यों में विशेष संक्षिप्त संशोधन का आदेश दिया

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूचियों को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision—SSR) की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में नए पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करना, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं से संबंधित रिकॉर्ड को अपडेट करना और मतदाता सूची में मौजूद गलतियों को दूर करना है।

ECI लोकतंत्र में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूची की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं है या किसी मतदाता के विवरण में गलती है, तो उसे मतदान के समय परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग समय-समय पर मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण करता है।

हालांकि, इस प्रक्रिया के अंतर्गत किन राज्यों में कौन-सी समय-सीमा लागू होगी, मतदाताओं को कब तक आवेदन करना होगा और अंतिम सूची कब प्रकाशित होगी, इसकी पुष्टि संबंधित आधिकारिक अधिसूचना से करना आवश्यक है।

किन 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा पुनरीक्षण?

15 अक्टूबर 2026 को जारी रिपोर्टों के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने उन क्षेत्रों में वार्षिक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की घोषणा की है, जहां विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पूरा हो चुका है, साथ ही असम को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

इसमें शामिल राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं:

The final rolls are due on January 4, 2027. States undergoing or recently completing the Special Intensive Revision will follow a separate schedule.

  • उत्तर प्रदेश

  • उत्तराखंड

  • पंजाब

  • गोवा

  • बिहार

  • मध्य प्रदेश

  • राजस्थान

  • गुजरात

  • केरल

  • तमिलनाडु

  • छत्तीसगढ़

  • पश्चिम बंगाल

  • असम

  • मणिपुर

  • अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह

  • लक्षद्वीप

  • पुडुचेरी

ECI इस सूची में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रहे कुछ राज्य भी शामिल हैं। ऐसे राज्यों में मतदाता सूची का सही होना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि चुनाव से पहले नए मतदाताओं का पंजीकरण और मौजूदा मतदाताओं के विवरण का सत्यापन चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा होता है।

कब जारी होगी ड्राफ्ट और अंतिम मतदाता सूची?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस पुनरीक्षण के लिए 1 जनवरी 2027 को पात्रता की संदर्भ तिथि निर्धारित किया गया है। घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, प्रक्रिया के प्रमुख चरण इस प्रकार हैं।

12 नवंबर

2026

प्रारंभिक मतदाता सूची

ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने की निर्धारित तारीख।

11 दिसंबर

2026

दावे और आपत्तियां

सूची में नाम जोड़ने, विवरण ठीक कराने और पात्रता संबंधी आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख।

4 जनवरी

2027

अंतिम मतदाता सूची

दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची प्रकाशित होने की निर्धारित तारीख।

इन तारीखों को संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक अधिसूचना से भी जांचना चाहिए, क्योंकि किसी राज्य के लिए जारी विस्तृत कार्यक्रम में निर्देश या प्रक्रियागत बदलाव हो सकते हैं।

ECI मतदाता अपना नाम कैसे जुड़वाएं या सुधारें?

निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया के तहत नागरिकों को अपनी जानकारी जांचने और आवश्यक बदलाव के लिए आवेदन करने का

  • फॉर्म 6: पहली बार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए।

  • फॉर्म 7: मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति या नाम हटाने के अनुरोध के लिए। इसका इस्तेमाल निर्धारित नियमों और उचित आधार के अनुसार किया जाना चाहिए।

  • फॉर्म 8: मतदाता के नाम, पते या अन्य विवरण में सुधार तथा लागू नियमों के तहत स्थानांतरण संबंधी अनुरोध के लिए।

नागरिक निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने नाम की स्थिति जांच सकते हैं और संबंधित सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर स्थानीय बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से भी संपर्क किया जा सकता है।

SSR और SIR में क्या अंतर है?

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) दोनों का उद्देश्य मतदाता सूची को विश्वसनीय बनाना है, लेकिन उनकी प्रक्रिया और दायरा अलग-अलग हैं।

SSR एक नियमित प्रक्रिया है, जिसमें मौजूदा मतदाता सूची के आधार पर नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं और गलतियों को सुधारा जाता है। इसके विपरीत, SIR में मतदाता सूची का अधिक व्यापक और गहन सत्यापन किया जाता है।

यह अंतर इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मतदाता सूची में किसी नाम को हटाने या किसी पात्र व्यक्ति को शामिल करने का फैसला निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए। सूची में सुधार का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित होने से बचाना और अपात्र प्रविष्टियों को नियमों के अनुसार दुरुस्त करना है।

 

 

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